न्यूज डेक्स संवाददाता
दिल्ली। जनवादी महिला समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जंतर मंतर पर जाकर महिला पहलवानों के धरने को समर्थन दिया और मांग की कि केंद्र सरकार महिला पहलवानों की मांगों को तुरंत स्वीकार करे। प्रतिनिधिमंडल में जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भीम अवॉर्डी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जगमति सांगवान, हरियाणा की राज्य महासचिव उषा सरोहा, राज्य कमेटी सदस्य भारती,दिल्ली की राज्य महासचिव आशा शर्मा व अध्यक्ष मैमूना मौला शामिल रहीं।
संगठन के नेताओं ने कहा कि खेलों में भारत व हरियाणा का नाम रोशन करने वाले कुश्ती खिलाड़ियों को अपना कैरियर दांव पर लगाकर न्याय पाने के लिए फिर से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है।3 महीने पहले जनवरी में इन्हीं खिलाड़ियों ने जंतर मंतर पर धरना देकर भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भाजपा सांसद बृजभूषण शरण पर यौन शोषण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की थी। जिसके बाद केंद्र सरकार ने 6 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था,लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताह में जांच कमेटी द्वारा रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बावजूद अब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया है।
सात महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण शरण के खिलाफ कनाॅट प्लेस पुलिस थाने में शिकायत दिए जाने के बावजूद एफ आई आर दर्ज नहीं की गई है। यह बेहद गंभीर स्थिति है कि खिलाड़ी लड़कियों को जिस समय अपना कीमती वक्त ओलंपिक की तैयारियों में लगाना था उन्हें वह समय न्याय के लिए संघर्ष करने में लगाना पड़ रहा है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार दरअसल यौन हिंसा आरोपियों को बचाने में लगी हुई है। हरियाणा में भी भाजपा सरकार ने यौन हिंसा आरोपी मंत्री संदीप सिंह को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। संगठन मांग करता है कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण के खिलाफ जांच करने वाली कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और खिलाड़ी लड़कियों की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने की जाए।