Home Kurukshetra News हरियाणवी रागनियों से सजी हरियाणा कला परिषद की साप्ताहिक संध्या

हरियाणवी रागनियों से सजी हरियाणा कला परिषद की साप्ताहिक संध्या

by ND HINDUSTAN
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अमित स्वामी, मनोज कुमार और गुलाब सिंह ने सुनाई रागनियां

कुरुक्षेत्र मैं अर्जुन ने जब देखा रै परिवार, छोड़ दिए हथियार

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र, 7 नवम्बर। हरियाणा कला परिषद द्वारा आनलाईन शुरु किए गए साप्ताहिक कार्यक्रमों में हरियाणवी रागनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा हरियाणवी रागनी तथा किस्से सुनाकर कार्यक्रम को सफल बनाया गया। गौरतलब है कि अक्तूबर माह से हरियाणा कला परिषद द्वारा अपनी फेसबुक पर आनलाईन साप्ताहिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरु किया, जिसमें प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से कलाकारों को मंच देने के साथ साथ लोगों का मनोरंजन किया जा रहा है।

इसी कड़ी में शनिवार को हरियाणवी रागनीे कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें अमित स्वामी, गुलाब सिंह और मनोज कुमार ने अपनी गायकी से खूब समां बांधा। कार्यक्रम का संचालन विकास शर्मा द्वारा किया गया। हरियाणवी रागनी कार्यक्रम में सबसे पहले अमित स्वामी ने रागनी कुरुक्षेत्र मैं अर्जुन ने जब देखा रै परिवार, छोड़ दिए हथियार सुनाकर महाभारत के किस्से को जीवंत कर दिया।

अमित स्वामी ने बताया कि युद्ध के मैदान में अपने परिवार को सामने देख अर्जुन ने जब लड़ने से इंकार कर दिया तो भगवान कृष्ण ने गीता उपदेश के माध्यम से अर्जुन को समझाया। इसके बाद अमित स्वामी ने जहाज के मैं बैठ गोरी राम रट के, ओढ़णा सिमालिये तेरा पल्लू लटकै के माध्यम से श्रृंगार रस प्रस्तुत किया। वहीं गुलाब सिंह किरमच ने रागनी के सूपणे का जिकर करुं मनै बात जरुरी आगी, तम्बू के मां पडै पडै ना याद अंगूरी आगी सुनाकर अपनी गायकी और अदायगी का लोहा मनवाया।

वहीं वीर रस से भरी रागनी कटण मरण ते स्यार डरयां करैं, शेर भरयां करै चाव मैं, भरयां खुशी मैं बोस जणूं, बंदड़े का बापू ब्याह मैं के द्वारा सुभाष चंद्र बोस की वीरता का बखान करते हुए देशप्रेम जाहिर किया। कार्यक्रम में लोक कलाकार मनोज कुमार ने भठियारी री तेरी सरा मैं, मेरी कोण गवाही देगा, फिरुं भटकता गोरी के बहम मां मन्नै कोण दवाई देगा सुनाकर वाहवाही लूटी। रागनी कार्यक्रम में हरमोनियम पर भाल सिंह, ढोलक पर बलबीर तथा कोरस में यशपाल ने साथ दिया।

कार्यक्रम के समापन पर अमित स्वामी ने हीर रांझा किस्से से रागनी हीर जाण वाली रुक जाईए जरा, खता क्या है मेरी बताईए जरा सुनाकर कार्यक्रम को सफल बनाया। अंत में अमित स्वामी ने हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन का आभार जताते हुए कहा कि कोरोना महामारी के कारण सांस्कृतिक आयोजन न होने से लोक कलाकार परेशानी से गुजर रहे थे, ऐसे में हरियाणा कला परिषद द्वारा आनलाईन कार्यक्रम प्रारम्भ कर कलाकारों के लिए संजीवनी का कार्य किया गया है।

हरियाणा कला परिषद के मीडिया प्रभारी विकास शर्मा ने बताया कि आनलाईन कार्यक्रमों की कड़ी में अगले सप्ताह शुक्रवार को दिवाली के उपलक्ष्य में काव्य संध्या प्रस्तुत की जाएगी। जिसमें युवा कवि अपनी रचनाओं तथा काव्य पाठ के द्वारा लोगों में नया उत्साह भरने का काम करेंगे।  

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