डॉ. प्रदीप गोयल / न्यूज डेक्स संवाददाता
शाहाबाद। विधायक रामकरण काला ने गांव मलिकपुर वासियों की 40 वर्ष पुरानी मांग पूरी करते हुए गांव के मारकण्डेय के रास्ते पर पुल के निर्माण कार्य की शुरूआत कर दी है। विधायक रामकरण काला, जजपा के जिलाध्यक्ष कुलदीप जखवाला और हल्काध्यक्ष जगबीर मोहड़ी ने विधिवत रूप से नारियल फोड़ कर व भूमि पर टक लगाकर इस योजना को हरी झंडी दी। विधायक रामकरण काला ने कहा कि गांव मलिकपुर व मारकण्डा नदी पर करीब 81 फीट लंबे इस पुल का निर्माण 61 लाख रूपए की लागत से होगा और जुलाई माह में यह पुल गांव की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
विधायक ने बताया कि पुल न होने के कारण गांव दो हिस्सों में बंटा हुआ है और ग्रामीणों को नदी के आर-पार जाने के लिए काफी परेशानी होती है। लेकिन पुल बनने से यह समस्या दूर हो जाएगी। वहीं जिलाध्यक्ष कुलदीप जखवाला व हल्काध्यक्ष जगबीर मोहड़ी ने कहा कि इस पुल के साथ-साथ 50 किलोमीटर के ढेरों के रास्तों को पक्का करवाने का काम किया है जोकि इतिहास में पहली बार हुआ है। मंच का संचालन सतीश कुमार ने बाखूबी किया। इस अवसर पर सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सुखदीप मोहड़ी, जजपा हल्का महासचिव सतीश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि सुनील कुमार, मनीष कुमार, रिंकू कठवा, प्रवीन कौर, सुदेश रानी, संतप्रीत, सुखबीर सिंह, जसविन्द्र सिंह, मंजु, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
नदी में पानी आने पर होती थी संस्कार की दिक्कत : जजपा के हल्का महासचिव सतीश कुमार ने बताया कि गांव का श्मशान घाट नदी के दूसरी ओर है लेकिन जब नदी में पानी आता है तो संस्कार के लिए शव को दो-दो दिन रोकना पड़ता है या फिर शाहाबाद के रास्ते से जाकर 10 किलोमीटर का रास्ता अतिरिक्त तय करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विधायक रामकरण काला ने पुल का निर्माण शुरू करवाकर गांववासियों को परेशानी से निजात दिलवाई है।
मलिकपुर के लोगों को सबसे बड़ा उपहार : गांव की सरपंच सुनैना व प्रतिनिधि सुनील कुमार ने कहा कि इस पुल के माध्यम से गांव मलिकपुर को इस वर्ष का सबसे बड़ा उपहार मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले 40 सालों से सरपंच इस पुल के निर्माण का प्रयास कर चुके थे लेकिन अभी तक मांग सिरे नहीं चढ़ी थी।