विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों को बताई भगवान श्री राम चंद्र की महिमा
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 9 नवंबर। देशभर में संचालित जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने जयराम विद्यापीठ में श्री जयराम संस्कृत महाविद्यालय के ब्रह्मचारियों से दीपावली से पूर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की महिमा पर चर्चा करते हुए कहाकि भगवान श्री राम चन्द्र इस सृष्टि नायक हैं और सर्वव्यापी हैं। भगवान श्रीराम हमारे आदर्श हैं और हमें भगवान श्रीराम को जानने के लिए उनके चरित्र और गुणों को जानना और उन्हें जीवन में धारण करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मर्यादा, सहनशीलता और धैर्य भगवान श्री राम का महत्वपूर्ण गुण है। ब्रह्मचारी ने बताया कि माता कैकेयी की आज्ञा से वन में 14 वर्ष बिताना, समुद्र पर सेतु बनाने के लिए तपस्या करना, माता सीता को त्यागने के बाद राजा होते हुए भी संन्यासी की भांति जीवन बिताना उनकी सहनशीलता की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को जगाने के लिए भगवान श्रीराम के चरित्र एवं गुणों का चिन्तन एवं अनुसरण करना जरूरी है। भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर हम पुन: विश्व का नेतृत्व करेंगे।
ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा है। भगवान श्रीराम के स्वरूप का अमल कर वर्तमान में इसे लागू करने पर चिंतन की जरूरत है। धर्म की जो रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है।