बरोदा उपचुनाव कांग्रेस व भूपेंद्र हुड्डा की नीतियों की जीत : अरोड़ा
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 16 नवंबर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा है कि बरोदा विधानसभा सीट का उपचुनाव का परिणाम आने के बाद भाजपा और जजपा के बीच मतभेद गहरा गए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का यह कहना कि बीजेपी प्रत्याशी पहलवान योगेश्वर दत्त को जेजेपी के पूरे वोट मिल जाते तो हार नहीं होती। हमें इसी कारण हार मिली है दोनों पार्टियों के 80 हजार वोट होते, लेकिन जेजेपी के वोट बीजेपी को ट्रासंफर नही हुए।
उधर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला का यह कहना कि यह सब जानते हैं कि किसके वोट कहां गए इससे साबित हो गया है कि दोनों पार्टियों के बीच अब मतभेदों की खाई लगातार बढ़ रही है और नहीं लगता कि यह गठबंधन ज्यादा समय तक चल पाएगा। उन्होने आरोप लगाया कि बरोदा उपचुनाव में गठबंधन सरकार ने जमकर सरकारी मशीनरी का दुरुयोग किया, मतदाताओं को अनेक प्रकार के प्रलोभन देने का प्रयास किया। लेकिन बरोदा के बहादुर मतदाता किसी प्रलोभन में नही आए और उन्होने कांग्रेस व भूपेंद्र सिंह हुड्डा की नीतियों में विश्वास जताते हुए कांग्रेस प्रत्याशी को भारी मतों से विजयी बनाया।
इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के संगठन सचिव सुभाष पाली, रणबीर सिंह बूरा, युवा कांग्रेसी नेता पवन चौधरी, युवा नेता संजीव आलमपुर, युवा नेता सुलतान ब्राह्मण माजरा, चंद्रभान वाल्मिकी, ओमप्रकाश हथीरा भी मौजूद रहे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए अरोड़ा ने जजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वोट होते तभी तो बीजेपी को मिलते। अब विधानसभा चुनाव वाली हालत कहां है। जेजेपी भी किसानों के वोट ले रही थी और खेती पर तीन कानून बनने के बाद किसानो ने इनका जबरदस्त विरोध किया जबकि जेजेपी ने सत्ता के लालच में समर्थन किया।
इसलिए पार्टी समर्थन के बावजूद जेजेपी वोट बीजेपी को नहीं दिलवा सकी। वोटर का विश्वास अब दोनों ही पार्टियों से उठ चुका है। उन्होंने कहा कि अब जेजेपी और बीजेपी के नेताओं में भी यह चर्चा चल पड़ी है कि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान जेजेपी की जनसभाओं में जो भीड़ देखने को मिल रही थी, वह अब उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला की जनसभाओं में देखने को नहीं मिली थी। इससे साफ जाहिर है के जेजेपी का जनाधार जो पहले था वह अब नहीं रहा है और दोनों ही पार्टियां इस मुद्दे को लेकर मंथन कर रही हैं। अशोक अरोड़ा ने कहा कि अभी तो दोनो पार्टियों के नेता एक दूसरे के उपर दोषारोपण कर रहें है आगे-आगे इनके बीच कलह और बढती चली जाएगी क्योंकि हरियाणा में अब बीजेपी और जेजेपी दोनों का ही जनाधार टूट रहा है कांग्रेस का जनाधार बढ़ रहा है ।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि जनता वास्तव में ही काम चाहती है नारेबाजी घोषणाओं या पत्थर लगाने को जनता समझने लगी है कि यह झूठे वायदे हैं। अगर काम हुआ होता तो लोग वोट देते जब काम ही नहीं हुआ तो खाली यह कहना सबका साथ सबका विकास यह बार-बार किसी के गले से नीचे नहीं उतरता। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र में जेजेपी विधायक रामकरण कह रहे हैं कि उनके काम कम हो रहे हैं। शाहाबाद में जेजेपी विधायक रामकरण और पूर्व राज्यमंत्री व मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कृष्ण बेदी के बीच 36 का आंकड़ा बना हुआ है उसे लेकर स्थानीय अधिकारी भी परेशान रहते हैं क्योंकि किसकी माने और किसकी नहीं मानें।