Home haryana पहली बार केडीबी में पिहोवा को प्रतिनिधित्व,मगर महिला वर्ग से इस बार भी कोई नहीं

पहली बार केडीबी में पिहोवा को प्रतिनिधित्व,मगर महिला वर्ग से इस बार भी कोई नहीं

by ND HINDUSTAN
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न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। आज कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के 10 गैर सरकारी सदस्यों की सूची जारी हो गई है और यह पहली बार है जब इन दस गैर सरकारी सदस्यों की सूची में पिहोवा क्षेत्र के एक नहीं,बल्कि दो सदस्यों युधिष्ठिर बहल और बलबीर गुर्जर को प्रतिनिधित्व मिला है। इन दस सदस्यों में सात कुरुक्षेत्र जिला के हैं,जबकि तीन सदस्य करनाल,जींद और कैथल जिला के हैं। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की भूमिका हरियाणा के पांच जिलों में कुरुक्षेत्र के अलावा कैथल,जींद,करनाल और पानीपत में स्थित महाभारतकालीन 48 कोस में स्थित प्राचीन और पौराणिक तीर्थों के संरक्षण और जीर्णोद्धार की है। वैसे इस बार भी इन सदस्यों में पानीपत जिला को प्रतिनिधित्व नहीं मिला। वैसे भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि इस बार पानीपत से भी एक सदस्य केडीबी में लिया जा सकता है,मगर इनकी यह इच्छा तो पूरी नहीं हुई,लेकिन पहली बार कुरुक्षेत्र जिला के पिहोवा क्षेत्र के दो सदस्यों को जगह जरूर मिली है।

इसमें पिहोवा के विधायक और राज्य मंत्री संदीप सिंह की बड़ी भूमिका को माना जा रहा है। करीब छह माह पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो चुका था,इसके बाद नए सदस्य कौन कौन हो सकते हैं,इसको लेकर चर्चा थी,कई पुराने नामों के साथ कुछ नए नाम इस बार सूची में शामिल होने की अटकलें चल रही थी,मगर इस बार सूची में किसी भी पुराने सदस्य को स्थान नहीं मिला। यहां तक की थानेसर के विधायक सुभाष सुधा के करीब सौरभ चौधरी का नाम भी इस सूची में नहीं है। हालांकि सौरभ चौधरी को पिछले तीन वर्षों से मानद सचिव बनाने के लिए भी खूब जोर आजमाइश चल रही थी,2021 में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने जिन दस सदस्यों को मनोनीत किया था,उसमें सौरभ चौधरी का नाम नहीं था। वर्ष 2021 में सरकार द्वारा जारी की गई सृची में से एक मनोनीत महिला सदस्य (कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर) डा.शुचि का नाम हटवा कर सौरभ चौधरी को तब केडीबी के गैर सरकारी सदस्यों की सूची में जगह मिली थी।

महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की भाजपा सरकार ने की थी पहल,मगर इस बार भी महिला वर्ग से गैर सरकारी सदस्यों में कोई नहीं

बेशक आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हों,मगर एक बार फिर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों की सूची में महिला प्रतिनिधित्व को आप ढूंढते रह जाओगे। वो भी तब,जबकि पिछली बार एक मनोनीत महिला सदस्य डा.शुचि को सदस्य बनाए जाने के बाद उनका नाम वापिस करा दिया गया था और पिछले केडीबी के दस सदस्यों में पिछले दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान भी कोई महिला कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों में शामिल नहीं थी। हालांकि भाजपा की सरकार में ही पहली बार महिला वर्ग से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का सदस्य बनाने की अच्छी शुरुआत हुई थी। इसी शुरुआत के मद्देनजर एक के बाद एक दो कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की दो महिला शिक्षकों को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का सदस्य बनने का अवसर प्राप्त हुआ था। मगर पिछले दो वर्ष के बाद अब अगले दो वर्ष के दौरान भी महिला प्रतिनिधित्व केडीबी के गैर सरकारी सदस्यों में नहीं दिखेगा।

सूची जारी होने पर कइयों ने कई कई बार पढ़ा नोटिफिकेशन,मगर नाम नहीं दिखा तो बोले क्या रखा है केडीबी में

सरकार की ओर से आज कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के 10 गैर सरकारी सदस्यों को मनोनीत किए जाने संबंधित नोटिफिकेशन जारी होते ही कई तरह की चर्चाएं सामने आई। बताया जा रहा है कि जिन लोगों ने केडीबी का गैर सरकारी सदस्य बनने के लिए लाबिंग की हुई थी,उन्होंने आज जब घोषित नामों पर नजर डाली तो पीड़ा को भीतर दबाते हुए बस यही बोले कि क्या रखा है केडीबी में…।

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