कुछ लालची लोग प्रधानगी से चिपक कर बैठ गये है
न्यूज डेक्स संवाददाता
अंबाला। पंजाबी गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधकों पर अनियमित्तओं के लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ओंकार सिंह ने कहाकि इस घटना से अम्बाला छावनी का पुरा सिख समाज दुखी, पीड़ित, पड़ताड़ित व उदास है। राजनीती से उपर उठकर पहले मै श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का सिपाही हूँ और मेरी सिख समाज से एक ही अपील है कि गुरुद्वारा साहिब से लोभी व लालची मसंदो को दूर करने का कार्य करें। सेवा के इच्छुक व्यक्ति ही गुरुद्वारा साहिब के प्रधान बने लेकिन बहुत अफ़सोस की बात है कि आज कुछ लालची किस्म के लोग प्रधानगी से चिपक गये है।
अगर गुरुद्वारा साहिब के प्रधान निस्वार्थ भाव से सेवा करने की इच्छा रखने वाले लोग हों तो फिर सरकार द्वारा एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने की नौबत ही न आए। यदि गुरुद्वारा साहिब के हिसाब किताब की मांग की जाती है तो प्रबंधकों का कर्तव्य बनता है कि हिसाब किताब दे दें। प्रधानगी से चिपके रहने के लिए राजनीतिक प्रभाव का प्रयोग करना सरासर गलत है। यदि किसी प्रधान के मन मे चोर नहीं है और हिसाब किताब में कोई गड़बड़ी नहीं है तो फिर हिसाब किताब और खातों की जांच सार्वजनिक होनी चाहिए ताकि गुरु की संगत के मांमें किसी प्रकार की आशंका पैदा ना हो।