Home Kurukshetra News किसान संगठनों के साथ पांचवें दौर की बैठक भी सकारात्मक रही, अगली बैठक 9 दिसंबर को होगी

किसान संगठनों के साथ पांचवें दौर की बैठक भी सकारात्मक रही, अगली बैठक 9 दिसंबर को होगी

by ND HINDUSTAN
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किसानों की शंकाओं का समाधान करेगी सरकार, सुझाव देने का आग्रह

मंत्रियों ने संगठनों से की आंदोलन समाप्त करने की अपील

न्यूज डेक्स इंडिया

दिल्ली,5 दिसंबर। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में 450 किसान संगठनों की मोर्चाबंदी जारी है। किसान अपनी मांगों को पूरा कराये बिना पीछे हटने को तैयार नहीं है। दिल्ली सहित राजधानी से सटे राज्यों की सीमाओं पर जाम के हालात हैं। दिल्ली में सरकार के मंत्रियों के साथ आज एक फिर किसान संगठनों की पांचवें दौर की बैठक हुई। इस बैठक को केंद्र सरकार सकारात्मक मान रही है,जबकि अगली बैठक 9 दिसंबर को होने जा रही है।

कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश के साथ किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की 5वें दौर की बैठक नई दिल्ली में शनिवार को हुई। यह बैठक भी काफी अच्छे माहौल में हुई, जिसमें सकारात्मक चर्चा की गई। चर्चा अभी जारी है, इसलिए 9 दिसंबर को पुनः बैठक रखी गई है।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि एमएसपी जारी रहेगी, इस पर कोई खतरा नहीं है, इसलिए किसी प्रकार की शंका करना बेबुनियाद है, फिर भी किसी के मन में कोई शंका है तो सरकार समाधान करने को पूरी तरह तैयार है। एपीएमसी राज्य का विषय है, केंद्र सरकार राज्यों की मंडियों को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करेगी। एपीएमसी के बारे में भी कोई गलतफहमी हो तो उसका समाधान करने को केंद्र सरकार पूरी तरह तत्पर है। अन्य विषयों पर भी बैठक में चर्चा हुई व अगली बैठक में भी बात होगी।

सरकार की ओर से कहा गया कि किसानों की सभी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। इसके लिए संगठनों से आग्रह किया गया है कि उनके जो भी बिंदु या सुझाव है, वे एक-दो दिन में दे दें। मंत्रियों ने उनसे आंदोलन खत्म करने व बुजुर्गों-बच्चों को तुरंत घर भेजने की अपील की है, ताकि सर्दी व कोविड के चलते उन्हें परेशानी न हो।

तोमर ने कहा कि किसान संगठनों द्वारा बताए जाने वाले सभी पहलुओं पर विचार होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध थी, है और रहेगी। मोदी के 6 साल के कार्यकाल में आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ी है, किसान हितैषी योजनाएं बढ़ी है, कृषि एवं किसान कल्याण का बजट बढ़ा है, किसानों की कृषि उपज की सरकारी खरीद बढ़ी है। किसान महंगी फसलों की ओर आकर्षित हो सके व उनकी समृद्धता बढ़े, इस दिशा में ऐतिहासिक काम किया गया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम को ही लें तो एक साल में 75 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में भेजे जाते हैं। अभी तक इस स्कीम में किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये भेजे गए है, वहीं 1 लाख करोड़ रुपये का कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बनाया गया है। तोमर ने कहा कि यह काम मोदी जी के बस का ही था। प्रधानमंत्री जी ने कोशिश की है कि किसान प्रोसेसिंग से जुड़े और कृषि व ग्रामीण क्षेत्र बहुत मजबूत हो, ताकि आत्मनिर्भर भारत अभियान का संकल्प मूर्त रूप ले सकें। तोमर ने सभी किसान संगठनों को ह्रदय से धन्यवाद दिया कि उन्होंने अनुशासन के साथ आंदोलन किया व पुनः आग्रह किया कि वे आंदोलन का रास्ता छोड़े, चर्चा से ही सकारात्मक हल निकलेगा।

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