Home Kurukshetra News जयराम आश्रम में गीता जंयती के लिए हुआ श्री हनुमत ध्वजारोहण

जयराम आश्रम में गीता जंयती के लिए हुआ श्री हनुमत ध्वजारोहण

by ND HINDUSTAN
2 comments

कोरोना महामारी के कारण जयराम विद्यापीठ में गीता यज्ञ एवं गीता पाठ के साथ होगा गीता जयंती महोत्सव  

विद्यापीठ में संकटमोचन श्री रामभक्त हनुमान के गुणगान से हुआ गीता जंयती महोत्सव का आगाज  

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र, 8 दिसंबर। इस सृष्टि में कोई भी मंगल एवं महान कार्य वीर हनुमान के बिना सम्पन्न नहीं किया जा सकता है। महाभारत के युद्ध में भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के रथ का ध्वज भी भगवान श्री राम भक्त वीर हनुमान के हाथ में ही था। रावण पर भगवान श्री राम की विजय में भी वीर हनुमान का श्रेय था। कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष जयराम विद्यापीठ में गीता जयंती महोत्सव पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामूहिक विवाह एवं भागवत कथा इत्यादि अन्य कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जा रहे हैं।

जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि देशभर में फैली जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी की प्रेरणा से तीन दशकों से भी अधिक समय से हरवर्ष गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों से पहले विद्यापीठ में विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ श्री हनुमत ध्वजारोहण किया जाता है। इस वर्ष भी चाहे भव्य कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जा रहा है लेकिन परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी की प्रेरणा से गुरु परम्पराओं को निभाते हुए गीता जयंती महोत्सव 2020 के लिए मंगलवार को ब्रह्मसरोवर के तट पर श्री जयराम विद्यापीठ परिसर में विद्वान-ब्राह्मणों तथा ब्रह्मचारियों द्वारा भगवान श्री रामभक्त वीर हनुमान का गुणगान करते हुए श्री हनुमत ध्वजारोहण किया।

इस मौके पर मुख्य यजमान के के कौशिक एडवोकेट ने अपने पोते शिवांग कौशिक के साथ श्री हनुमत ध्वजारोहण किया। कौशिक ने कहाकि हरवर्ष परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी द्वारा विद्यापीठ में गुरुओं परंपरा के अनुसार ध्वजारोहण किया जाता है लेकिन इस बार यह जिम्मेवारी निभाने का सौभाग्य उन्हें मिला। गीता जंयती के ध्वजारोहण के साथ ही विद्यापीठ में आयोजित होने वाले गीता यज्ञ एवं गीता पाठ की तैयारियां शुरू होंगी। विद्यापीठ में ध्वजारोहण से पूर्व ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने ऑनलाइन सभी ट्रस्टियों, ब्रह्मचारियों तथा जयराम संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संदेश देते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के परम भक्त वीर हनुमान का मंत्रोच्चारण करते हुए आह्वान किया।

इसके उपरांत श्रद्धापूर्वक किए जाने वाले गीता यज्ञ एवं गीता पाठ के आयोजन का संकल्प लिया। इसके उपरांत यजमान के के कौशिक द्वारा परिवार के सदस्यों के साथ विधिवत संकट मोचन श्री हनुमान के यज्ञ के साथ प्रसाद वितरित किया गया। ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने अपने संदेश देते हुए कहा कि संकटमोचन हनुमान से गीता जयंती परम्पराओं के निर्वहन की कामना की गई है। उन्होंने बताया कि विद्यापीठ में तीन दशकों से भी अधिक समय से पावन गीता के जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। विद्यापीठ का उद्देश्य भगवान श्री कृष्ण के कर्म के संदेश को भारतवर्ष में ही नहीं विश्व के सभी घरों में पंहुचाना है।

उन्होंने कहा कि आज अगर समाज के युवा वर्ग गीता के संदेश को अपने जीवन में अपना लें, तो समाज की करीब-करीब सभी बुराईयां अपने-आप ही समाप्त हो जाऐंगी। भगवान श्री कृष्ण ने गीता का संदेश केवल अर्जुन को ही नहीं बल्कि अर्जुन के माध्यम से पूरी सृष्टि के सभी प्राणियों को दिया था। ब्रह्मचारी ने बताया कि गीता जंयती महोत्सव के अवसर पर देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में लोगों के साथ-साथ अनेकों संत महापुरुष तथा समाज की अनेकों प्रख्यात हस्तियां पहुंचती हैं लेकिन इस बार कोरोना के कारण संभव नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने बताया कि हरवर्ष की भांति इस वर्ष भी गीता जयंती महोत्सव 2020 के अवसर पर 19 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक विद्यापीठ में विद्वान ब्राह्मणों एवं ब्रह्मचारियों द्वारा गीता पाठ एवं गीता यज्ञ आयोजन होगा। गीता यज्ञ एवं गीता पाठ का सीधा प्रसारण किया जायेगा। इस अवसर पर पवन गर्ग, राजेंद्र सिंघल, के के कौशिक, श्रवण गुप्ता, टेक सिंह लौहार माजरा, खरैती लाल सिंगला, आर सी रंगा, हरि राम, राजेश सिंगला, ईश्वर गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, प्रवेश राणा, यशपाल राणा, रणबीर भारद्वाज, राजेश लेखवार शास्त्री, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक इत्यादि भी मौजूद थे।

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?