कामख्या शक्तिपीठ की पावन धरती से धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में भद्रकाली शक्तिपीठ पर घोड़े चढ़ाने पहुंचे असम मुख्यमंत्री हेमन्त बिस्व सरमा
शक्तिपीठ में विधिवत पूजा के बाद असम के सीएम हेमंत बिस्व सरमा ने कामख्या दर्शन का दिया निमंत्रण
पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने असम के सीएम की पूजा,भेंट की मां भगवती की प्रतिमा
हेमंत बिस्व सरमा ने कहा जल्द परिवार के साथ आऊंगा शक्तिपीठ में विशेष पूजा करने
एनडी हिंदुस्तान संवाददाता

कुरुक्षेत्र।असम के मुख्य मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने कहा कि जैसे मेरी आज मन्नत पूरी हुई है मां भद्रकाली शक्तिपीठ के दर्शन की,वैसे ही दुनियाभर के रामभक्तों की मन्नत 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूरी होगी। अगले माह श्रीरामलला के दर्शन के बाद हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ मां भद्रकाली मंदिर में परिवार के साथ पूजा करने जल्द आएंगे।इसी के साथ उन्होंने हरियाणा और धर्मनगरी कुरुक्षेत्र वासियों सहित मां भद्रकाली शक्तिपीठ के पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा को परिवार सहित कामख्या शक्तिपीठ दर्शन का निमंत्रण भी दिया।असम के मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में पहुंचे और यहां विधिवित पूजा के साथ मां भगवती के दरबार में नन्हीं श्लोका की देवी स्वरुप में पूजा की और चरण छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज असम मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा कुरुक्षेत्र में मां भद्रकाली शक्तिपीठ में विशेष पूजा करने पहुंचे थे ।यहां भव्य रूप से सजे शक्तिपीठ में सर्वप्रथम पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा व स्वागत समिति के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री का शक्तिस्थल श्री देवीकूप पहुंचने पर पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। ततपश्चात मुख्यमंत्री ने मंत्रोचारण व पान पत्तों व कमल पुष्पों के साथ श्री देवीकूप पर पूजा की। उन्होंने भी शक्ति पूजा में भगवान श्री कृष्ण जी की विजयी अश्व चढ़ाने की परम्परा को निभाया और चांदी घोड़े अर्पित किए।पीठाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को माता की लाल शक्ति चुनरी, चांदी लॉकेट व पुष्प माला एवं मां भद्रकाली जी की सिद्ध अष्ठधातु अष्ठभुजा स्वरूप भेंट किया । मुख्यमंत्री ने बताया कि मां कामाख्या देवी व मां भद्रकाली जी दोनों ही शक्ति स्वरूपा है, दोनों ही मां सती जी पावन अंग शक्तिपीठ है, और वे यहां मां के दांये चरण का आशीर्वाद लेने आए है।श्री देवीकूप की परिक्रमा उपरांत गणमान्य अतिथि मां भद्रकाली जी के गर्भगृह में माथा टेकने पहुंचे ।
मुख्य दरबार में गर्भगृह में मां भद्रकाली जी का आहवान कर उनके द्वारा षोडशोपचार मन्त्रों के साथ मां का भाव-भक्तिपूर्ण नवधा पूजन किया गया । मां को अति प्रिय कमल पुष्प की माला अर्पित की गई । मां सती का चांदी चरण पूजन किया गया । उन्होंने मां के चांदी चरण पर पान, सुपारी, ध्वजा व दूध, दही, गंगाजल, गुलाब जल, शहद, घी, इत्र, सिंदूर, चंदन अर्पित किया । मुख्यमंत्री ने मां को ग्यारह मिठाइयों व ग्यारह फलों का भोग भी समर्पित किया । मां को लाल-चुनरी , लाल वस्त्र , सिंदूर व नारियल पुष्पांजलि चढ़ाई । पंचदीप पात्र से भव्य आरती की । तत्पश्चात मां की कंजक श्लोका पंडित का शक्ति चुनरी व तिलक लगाकर पूजन किया । इसके बाद पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा के सानिध्य में मुख्यमंत्री ने मंदिर परिक्रमा में महालक्ष्मी मंदिर व महासरस्वती मंदिर में पूजा की । उनके साथ असम एवं स्थानीय अधिकारियों ने भी मां भद्रकाली जी का आशीर्वाद लिया। सभी ने भक्ति-भाव के साथ मां का पूजन, अर्चन और दर्शन किया और शक्तिपीठ परिक्रमा भी की।
हेमंत बिस्व सरमा ने कहा कि जगतजननी मां भद्रकाली जी कल्याण व वरमुद्रा में यहां सुशोभित है , इसलिए वह अपने भारत वर्ष के लिए और विशेष तौर पर असमवासियों के लिए मंगल व समृद्धि की कामना करते हैं । उन्हें माँ सेवा का सौभाग्य प्रदान करती रहें , ऐसी ही मां से प्रार्थना है । मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मेरा परम् सौभाग्य है कि वे मां के प्रिय दिवस शनिवार को मां के दर्शन कर सकें । उन्होंने उत्तम व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए पीठाध्यक्ष को बधाई दी । मुख्यमंत्री ने मंदिर के वातावरण को अति पावन व मनमोहक बताया । इस मौके पर आईएएस शिमला देवी ,स्नेहिल शर्मा, देवांशु शर्मा, मीना जोशी , सीमा कौशल, डॉ अन्नु पॉल शर्मा, निकुंज शर्मा, हेमराज शर्मा, राजेश शांडिल्य,सुनील शर्मा, सुनील जोशी ,संजीव मित्तल, देवेंद्र गर्ग, विकास बंसल ,मुनीष, नरेंद्र कुमार , रामपाल लाठर, दिनेश कंसल, गगन गुप्ता ,पंकज गोयल, जीवन मौदगिल, संजय गोयल, हिमांशु ठाकुर, ऋषि तोमर , आशीष दीक्षित , अनिल पंडित इत्यादि सेवक भी मौजूद रहे ।