किसान संगठनों के धरने में शामिल हुए पूर्व मत्री अशोक अरोड़ा व विधायक मेवा सिंह
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 14 दिसंबर। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेसी नेता अशोक अरोड़ा व लाडवा विधायक मेवा सिंह किसान संगठनों द्वारा लघु सचिवालय पर दिए जा रहे धरने में शामिल हुए। उनके साथ जलेश शर्मा, सुभाष पाली, किसान नेता संजीव आलमपुर, बूरा खाप के प्रधान रणबीर बूरा, चंद्रभान वाल्मिकी, पवन चौधरी सहित अनेक लोगों ने भाग लिया। अशोक अरोड़ा ने धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने यह तीन काले कानून बनाए हैं। कोरोना महामारी के दिनों में गुपचुप तरीके से पहले अध्यादेश जारी किए गए और बाद में संसद में चर्चा करवाए बिना ही इन्हे कानूनी रूप दे दिया गया।
अरोड़ा ने कहा कि आज देश का अन्नदाता कड़कती ठंड में इन तीन काले कानूनों को रद्द करने के लिए सडकों पर है। उन्होने कहा कि व्यक्तिगत रूप से किसान संगठन उनकी जो भी डयूटी लगाएंगें उसे पूरी तरह निभाएंगें। अरोड़ा ने कहा कि आज केवल मात्र 6 प्रतिशत फसलें ही एमएसपी पर खरीदी जाती हैं। पंजाब और हरियाणा में अधिक समय तक किसान हितैषी सरकारें रही हैं। इसलिए इन दोनों प्रदेशों में मंडी सिस्टम मजबूत होने के काएण ही किसानों को एमएसपी मिल रहा है। भाजपा सरकार मंडी सिस्टम को खत्म कर एमएसपी छीनना चाहती है।
ये तीनों काले कानून केवल किसानों के ही नही बल्कि इनका कुप्रभाव देश के गरीब लोगों पर भी पडेगा। बडे-बडे पूंजीपति खाद्यान्न का भंडारण करके काला बाजारी करेंगें। भविष्य में जाकर टीडीएस प्रणाली भी खत्म कर दी जाएगी। जिससे गरीब लोगों को सब्सीड़ी वाला अनाज नही मिलेगा। उन्होने कहा कि आज देश का हर नागरिक किसानों के संघर्ष में उनके साथ है। अरोड़ा ने मांग की कि तीनों काले कानूनों को रद्द करके एमएसपी कर गारंटी वाला कानून बनाया जाए और इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए।
उन्होने कहा कि प्रदेश भाजपा-जजपा गठंधन सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। किसानों के हितैषी होने का दम भरने वाले और भाजपा के विरूद्ध वोट मांगने वाले आज सत्ता के लालच में कुर्सी से चिपके बैठे हैं। उन्होने यह भी कहा कि हरियाणा विधानसभा का विशेष अधिवेशन बुलाकर तीनों कानून रद्द करने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किया जाए। पूर्व मंत्री अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा विस में कांग्रेस तीनों कानूनों को रद्द करने वाला प्राइवेट प्रस्ताव लाकर इन नेताओं का चेहरा बेनकाब करेंगें जो सत्ता के लालच में कुर्सी से चिपके बैठै हैं।