न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा मां भद्रकाली जी को गुलाबी वस्त्रों में सजा कर कुष्मांडा स्वरूप में की गई । सर्वप्रथम मंगला आरती प्रातः 6:00 बजे मंदिर की मुख्य पुजारिन श्रीमती शिमला देवी द्वारा की गई जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सुरेश सिंघल , कुरुक्षेत्र पहुंचे । माँ भद्रकाली जी का स्नान करवाने के बाद , पूजा के दौरान मां को हरी इलाइची, सौंफ ,कुम्हड़ा अर्पित किया गया। इसके बाद माँ कुष्मांडा के मुख्यमंत्र “ऊँ कुष्मांडा देव्यै नमः” का 108 बार जाप किया गया व मां के प्रिय मालपुए का भोग लगाया गया। पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने बताया कि मां कुष्मांडा को ब्रह्मांड की रचनाकार कहा गया है । इनकी आठ भुजाएं हैं । इनके 7 हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष ,बाण, कमल पुष्प ,कलरश, चक्र और गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियाँ और निधियों को देने वाली माला है। देवी के हाथों में जो अमृत कलश है वह अपने भक्तों को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य का वर देती है। मां सिंह की सवारी करती हैं जो धर्म का प्रतीक है ।

पीठाध्यक्ष ने बताया कि भगवत पुराण के अनुसार माता कुष्मांडा का यह स्वरूप देवी पार्वती के विवाह के बाद से लेकर कार्तिकेय के जन्म के बीच का है। इस रूप में देवी संपूर्ण सृष्टि को धारण करने वाली है। मान्यता है कि संतान की इच्छा रखने वालों भक्तों को मां की उपासना करनी चाहिए। पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने कहा कि हम सभी को अपने सनातन धर्म की जानकारी, इनके पीछे की कहानी और समृद्ध विरासत का ज्ञान होना चाहिए । मंदिर में शक्ति त्रिशूल पर भी मन्नत का धागा बांधने वालो की भारी भीड़ देखी गयी, लाल ध्वज को अपने घर पर लगाने के लिए ले जाने वालों और अपने घरों व कालोनियों में जागरण कराने वाले श्रद्धालु भी माँ की ज्योति मंदिर से प्रज्ज्वलित करवाने के लिए काफी संख्या में शक्तिपीठ पहुंचे ।
उन्होंने कहा कि नवरात्रों में प्रतिदिन की तरह नवरात्रि व्रत भंडारा दोपहर 12:00 बजे निर्मल सिंह द्वारा आयोजित किया गया तथा नवरात्रि अन्नपूर्णा भंडारा रेखा रानी धर्मपत्नी जितेंद्र कुमार द्वारा दिया गया। भजन संध्या के प्रोग्राम में अभिषेक जागरण एंड पार्टी , सिरसाला ने सभी भक्तों को मां की भक्ति में लीन कर दिया । भजन संध्या में मुख्य अतिथि प्रवेश गुप्ता उपस्थित रहे। 7:00 बजे संध्या कालीन 505 ज्योत महाआरती में कन्या पूजन , नव दुर्गा पूजन व भारत माता पूजन किया गया। कल माँ भद्रकाली जी के प्रिय शनिवार के दिन *माँ का सचित्र स्वर्णिम अनमोल खजाना* भी सभी भक्तों में मुख्य पुजारिन श्रीमती शिमला देवी द्वारा प्रसाद में आशीर्वाद स्वरूप वितरित किया जाएगा । यह खजाना सिर्फ नवरात्रि में शनिवार को ही वितरित होता है । इस बार खजाने में एक तरफ मां भद्रकाली जी का चित्र व एक तरफ माँ सती के दांये गुल्फ चरण के दर्शन हो सकेंगे । यह खजाना सभी भक्त अपने घरों में पूजा में रख सकेंगे । आगामी जागरण के मद्दनेजर भी बैठकों का दौर मंदिर में लगातार जारी है और सभी सेवक जागरण व्यवस्था को सुंदर बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे है । बैठक में नरेंद्र वालिया, जीवन मौदगिल, एम के मौदगिल, संजीव मित्तल, ऋषि तोमर, बलवान, सुरेंद्र द्विवेदी, निकुंज शर्मा, देवेंद्र गर्ग हाबड़ी, रामपाल लाठर, हाकम चौधरी, अनिल मास्टर, आशीष दीक्षित, इत्यादि भक्त उपस्थित रहे ।