Home Kurukshetra News देश को शिक्षा मंत्री नहीं परीक्षा मंत्री की जरूरत : डॉ. सुशील गुप्ता

देश को शिक्षा मंत्री नहीं परीक्षा मंत्री की जरूरत : डॉ. सुशील गुप्ता

by ND HINDUSTAN
0 comment

भ्रष्टाचार को दबाने के लिए 10 दिन पहले 4 जून को नीट के नतीजे घोषित किए : डॉ सुशील गुप्ता

यूजीसी नेट का पेपर लीक होना भी सरकार का फेल्योर: डॉ. सुशील गुप्ता

देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करना शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी : डॉ. सुशील गुप्ता

पिछ्ले 7 साल में 70 पेपर लीक हुए, प्रधानमंत्री ने कोई कदम नहीं उठाए: डॉ. सुशील गुप्ता

न्यूज़ डेक्स संवाददाता

चंडीगढ़ । आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने नीट के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आए और 4 जून को ही नीट के नतीजे आए। जबकि 14 जून को नीट परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाना था। नीट का परिणाम 10 दिन पहले ही लोकसभा चुनाव के साथ इसलिए घोषित किया गया ताकि लोकसभा केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार को दबाया जा सके। इसकी जांच होनी चाहिए कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के दिन ही नीट परीक्षा का परिणाम क्यों घोषित किया गया?

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बीजेपी के राज में एक भी परीक्षा बिना धांधली के नहीं हो रही। इसलिए देश को शिक्षा मंत्री नहीं परीक्षा मंत्री की जरूरत है। जो पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं करा सके।

उन्होंने कहा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कह रहे है कि पेपर केवल लोकलाइज्ड लीक है। जबकि अब बिहार, गुजरात, हरियाणा, यूपी और अब रांची में भी पेपर लीक की बात सामने आई है। मार्किंग का भी बहुत बड़ा इश्यू था, मार्किंग में गड़बड़ियां सामने आई हैं। ग्रेस मार्क्स किस आधार पर दिए गए यह अभी तक नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि मार्किंग में लीक की बात सामने आई, ये एक इंस्टीट्यूशनल धांधली है और मंत्री कह रहे हैं कि ये मोटिवेटेड है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी एग्जाम कैंसल न करने को लेकर कह रही है कि कुछ बच्चों के चक्कर में सभी पास हुए स्टूडेंट्स के एग्जाम कैंसल नहीं कर सकते। उनको नहीं पता कि ये परसेंटाइल रिजल्ट होता है न कि परसेंटेज। इसके लिए मंत्री, प्रधानमंत्री भी जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा यूजीसी नेट की परीक्षा भी लीक होना ये दर्शाता है कि ये सिस्टेमेटिक फेल्योर है। पिछले 7 साल में 70 पेपर लीक हुए हैं, इसको लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कदम उठाए? केवल कुछ अफ़सरों को बर्खास्त करके क्या होगा? शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? क्योंकि देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करना शिक्षा मंत्री की ज़िम्मेदारी है। लेकिन शिक्षा मंत्री इस ज़िम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे और जो भी इस महा पेपर लीक घोटाले में शामिल है उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए। नीट की परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा करवाई जाए।

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?