ताऊ देवीलाल की परंपरा का निर्वहन -अभय चौटाला
पद,कुर्सी और सत्ता के मोह में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत और बिजली मंत्री रणजीत चौटाला
न्यूज डेक्स संवाददाता
सिरसा,11 जनवरी। हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल के एकमात्र विधायक हैं अभय चौटाला और उन्होंने भी आज किसानों के समर्थन और केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में समयबद्ध इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने अपना इस्तीफा इमेल द्वारा हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को भेज दिया है। किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए अभय चौटाला ने स्पष्ट किया है कि अगर 26 जनवरी तक तीनों कृषि कानून रद नहीं किये गये तो उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाए। एेलनाबाद से इनेलो विधायक अभय चौटाला सोमवार को किसान जनजागरण अभियान के दौरान अपने हलका के गांव में ग्रामीणों के बीच पहुंचे और यहां उन्होंने इस्तीफा देने पर स्वीकृति ली।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और बिजली मंत्री रणजीत सिंह से भी किसानों ने तीनों कृषि बिलों के विरोध में किसानों का समर्थन करते हुए बार बार पदों से त्यागपत्र देने की मांग की थी,मगर कुर्सी के मोह में यह लोग अपने पदों पर काबिज हैं। इन्होंने किसानों का समर्थन ना करके किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी देवीलाल के नाम को कलंकित किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आएदिन लिये जा रहे जनविरोधी फैसलों से आम जनता का जीना मुहाल हो चुका है। केंद्र सरकार ने देश के अन्नदाता के पेट पर लात मारने का निर्णय लेते हुए तीन कृषि कानून लागू किये हैं। इनसे किसान अपने ही खेत में मजदूर बन कर रह जाएगा।
किसान जनजागरण अभियान के दौरान चौटाला ने प्रत्येक गांव में ग्रामीणों से अपना इस्तीफा देने के बारे में उनका पक्ष जाना और सभी ने उन्हें किसानों के हित में विधानसभा के सदस्य पद से इस्तीफा देने की बात कही। गांव बरासरी में उन्होंने बताया कि 26 जनवरी तक अगर किसानों की मांगों पर अगर केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून रद करने की मांग को नहीं माना तो उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए। चौटाला ने कहा कि ग्रामीणों का कहना है कि उनके द्वारा इस्तीफा दिये जाने के बाद ही ताऊ देवीलाल की परंपरा का निर्वहन होगा,क्योंकि ताऊ देवीलाल ने जब भी जनता और किसानों के अहित में फैसला हुआ तो उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा देने का काम किया था।