अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में तीर्थ यात्रियों ने शिल्प और सरस मेले में जमकर की खरीददारी
घाटों पर चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उठाया लुत्फ
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र । अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश के कोने-कोने से यादगार लम्हों को आत्मसात करने के लिए लाखों तीर्थ यात्री ब्रहमसरोवर पर पहुंचे। इस महोत्सव में तीर्थ यात्रियों ने उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र के शिल्प मेले और डीआरडीए के सरस मेले में जमकर खरीददारी की है। अहम पहलू यह है कि इन यात्रियों ने ब्रह्मसरोवर के घाटों पर हरियाणा कला परिषद की तरफ से चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाया और पर्यटकों को विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति से रूबरू होने का अवसर भी मिला।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2024 में शनिवार को छुट्टी होने के कारण हरियाणा ही नहीं देश के अन्य राज्यों से तीर्थ यात्री सुबह से ही ब्रह्मसरोवर पर शिल्प और सरस मेले में पहुंचने शुरु हो गए थे। इस शिल्प और सरस मेले में एनजेडसीसी की तरफ से आमंत्रित 200 शिल्पकारों, डीआरडीए की तरफ से सरस मेले में 19 राज्यों, हरियाणा के सभी जिलों से भी सेल्फ हेल्प ग्रुप और शिल्पकारों की शिल्पकला को पर्यटकों ने निहारा और जमकर खरीददारी भी की। इतना ही नहीं तीर्थ यात्रियों ने ताऊ बलजीत की गोहाना जलेबी, राजस्थान का चुरमा तथा अन्य पकवानों का बड़े चाव से स्वाद भी चखा।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश के कोने-कोने से आने वाले तीर्थ यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पुलिस बल लगा रहा। इस महोत्सव में गत्त शनिवार व रविवार को लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचे थे। इस महोत्सव में सरस व शिल्प मेला 15 दिसंबर तक जारी रहेगा। इस महोत्सव में तीर्थ यात्रियों की लाखों की भीड़ देखकर शिल्पकारों के साथ-साथ कलाकारों के चेहरों पर मुस्कान सहजता से देखी जा सकती थी। इस महोत्सव में पर्यटकों को देश की लुप्त हो रही संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिला।