Home Kurukshetra News क्रिकेट में ओपनर्स के रोल और उनकी उपयोगिता पर आधारित पुस्तक ‘ओपनर्स’ का विमोचन

क्रिकेट में ओपनर्स के रोल और उनकी उपयोगिता पर आधारित पुस्तक ‘ओपनर्स’ का विमोचन

by ND HINDUSTAN
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एनडी हिन्दुस्तान

कुरुक्षेत्र। वरिष्ठ खेल पत्रकार शिवेंद्र कुमार सिंह की नई पुस्तक ‘ओपनर्स’ का विमोचन आज विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान में हुआ। संस्थान के निदेशक डॉ. रामेंद्र सिंह, सदस्य कृष्ण कुमार भंडारी और वरिष्ठ टीवी पत्रकार सत्येंद्र राय ने ओपनर्स का विमोचन किया। यह पुस्तक क्रिकेट के खेल में ओपनर्स के रोल और उनकी उपयोगिता पर है। तमाम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह किताब बेस्टसेलर चल रही है। लेखक शिवेंद्र कुमार सिंह पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से खेल कवर कर रहे हैं। कई क्रिकेट वर्ल्ड कप से लेकर ओलंपिक तक की कवरेज उन्होंने की है। इस अनुभव को उन्होंने इस पुस्तक में शामिल किया है। इस पुस्तक को पेंगुइन ने प्रकाशित किया है।
इस पुस्तक के बारे में लेखक शिवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुस्तक के पहले चेप्टर में 1975 के पहले के दिग्गज सलामी बल्लेबाजों की कहानी है। 1975 इसलिए क्योंकि इसी साल वनडे डे वर्ल्ड कप की शुरूआत हुई थी। इसके बाद दशक के हिसाब से चेप्टर्स लिखे गए हैं। हर दशक की शुरुआत में उस दशक के बड़े सलामी बल्लेबाजों का ओपनिंग को लेकर दिया गया बयान है। इसमें बायकॉट से लेकर डेविड बून, जॉन राइट, माजिद खान, गॉर्डन ग्रीनिज, मैथ्यू हेडेन, वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली, गौतम गंभीर, कृष्णमचारी श्रीकांत, सनथ जयसूर्या जैसे पच्चीस खिलाडि़यों से ओपनिंग पर बातचीत है। पुस्तक की भूमिका सचिन तेंदुलकर ने लिखी है।
इस पुस्तक की भूमिका में सचिन तेंडुलकर ने ओपनिंग को लेकर लिखा है कि मैंने अपने करियर में ओपनिंग को हमेशा ‘लांग टर्म प्लान‘ की तरह लिया। विरोधी टीम कौन सी है, उसके पास कैसे गेंदबाज हैं, किस देश में खेल रहे हैं, किस मैदान में खेल रहे हैं, वहां की पिच कैसी है, ऐसे तमाम सवालों का जवाब सोचने के बाद मैं पारी की शुरूआत करता था। इसके अलावा यह भी अहम था कि मेरा अपना ‘रिदम‘ कैसा चल रहा है, फॉर्म कैसी चल रही…और इन सबसे भी कहीं ज्यादा जरूरी पहलू ये होता था कि उस मैच में टीम का प्लान क्या है, टीम की जरूरत क्या है। मैंने हमेशा इन स्थितियों को देखकर इस जिम्मेदारी को निभाया। मेेरे लिए ओपनिंग का कोई एक ‘फिक्स फॉर्मूला‘ नहीं था।
विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेंद्र सिंह ने विमोचन के दौरान कहा कि- करीब डेढ़ सौ साल के क्रिकेट इतिहास में ओपनर्स की अहमियत का आंकलन करना बड़ा विषय है। लेखक ने सिलसिलेवार तरीके से विषय को संभाला है। इस पुस्तक से स्कूली बच्चों को यह सीख भी मिलती है कि कैसे उन्हें एक टीम की तरह खेलना चाहिए। इस पुस्तक से विद्यार्थी खेलभावना के बारे में भी जानेंगे।

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