Home Chandigarh रंगों, कला, शिल्प, संस्कृति, संगीत एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनूठा संगम बनेगा 38 वां सूरजकुंड मेला: पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा

रंगों, कला, शिल्प, संस्कृति, संगीत एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनूठा संगम बनेगा 38 वां सूरजकुंड मेला: पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा

by ND HINDUSTAN
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उड़ीसा और मध्यप्रदेश सूरजकुण्ड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में होंगे थीम स्टेट: मंत्री

7 से 23 फरवरी तक सूरजकुंड मेले का होगा आयोजन, केंद्रीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत आज करेंगे मेले का शुभारंभ

भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक ताने-बाने को समृद्ध करेगा सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला- डा. अरविंद शर्मा

एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़ । रंगों, कला, शिल्प, संस्कृति, संगीत एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनूठा संगम 38वां अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला सूरजकुंड शुक्रवार से शुरू हो रहा है। मेले के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत होंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगें।

हरियाणा के पर्यटन एवं सहकारिता मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते हुए बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाने वाले फरीदाबाद सूरजकुण्ड हस्तशिल्प मेले में मध्यप्रदेश और उड़ीसा थीम स्टेट के तौर पर भागीदारी कर रहे है। इस मेले में बिम्सटेक शामिल 7 देश भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका भागीदारी कर रहे है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि सूरजकुण्ड मेले में बड़ी संख्या में विदेशी देश भाग लेते है, इस बार भी इस मेले में 51 देश भाग ले रहे है। पिछले 10 वर्षो में इस मेले की छठा और आकर्षण बढ़ा है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय एकता, संस्कृति एवं कला को समृद्ध बनाने पर जोर देते है। सूरजकुंड शिल्प मेला भारत की विविधता को दर्शाने और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने का शानदार उदाहरण है।

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि यह मेला दुनियाभर के अंतरराष्ट्रीय शिल्पकारों और कलाकारों को कला, शिल्प और प्रतिभा दिखाने के लिए मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेला इसलिए भी अनोखा है क्योंकि यह भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक ताने-बाने की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करता है। सात फरवरी से 23 फरवरी तक आयोजित होने वाले हस्तशिल्प मेले में पारंपरिक लोक नृत्य, शास्त्रीय, अर्ध-शास्त्रीय नृत्य, सांस्कृतिक प्रदर्शन, संगीत कार्यक्रम और सभी राज्यों व भागीदारी विदेशी देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।

मेट्रो स्टेशनों पर मिलेगी मेले की टिकट

डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि मेले में पर्यटकों को सुविधा देने के उद्देश्य से ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ एमओयू किया है, जिसमें दिल्ली मेट्रो मेले की टिकट और पार्किंग का कार्य देखेगी, जिसमें चुनिंदा दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर मेले की टिकटों की बिक्री करेगी और मेला गेट पर विशेष टिकट काउंटर लगाएगी। सामान्य दिनों के लिए टिकट 120 रुपये, सप्ताहांत के लिए 180 रुपये की रखी गई है। बच्चों के लिए टिकट में छूट का प्रावधान किया गया है। बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए ई-रिक्शा का प्रबंध मेले में किया गया।

कई मेट्रो स्टेशनों से शटल बस सेवा आरंभ

हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए गुरुग्राम बल्लभगढ़, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, कनॉट प्लेस व तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशनों से शटल बस सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि  मेला में 15 राज्यों के पारंपरिक खानपान के स्टॉल रहेंगे, इसके अलावा निजी क्षेत्र के खान-पान से जुड़े  ब्रांड भी अपनी सेवाएं देंगे।

4 स्टेज पर दिखेगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

मेले में चार स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दिनभर देखने को मिलेगी। चौपाल-1 व चौपाल-2 मंच पहले से ही लगते है, इस बार महास्टेज और नाट्यशाला नामक दो अन्य सांस्कृतिक मंच भी तैयार किए गए है। मेले में एक हजार से अधिक कलाकार अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करेंगे। मेला में स्टॉल के बाहर कारीगर का नाम व स्टॉल नंबर जैसी जानकारी क्यूआर कोड के साथ दी गई है, जो मेले के डिजिटलीकरण को दर्शाता है। मंत्री ने बताया कि ग्रामीण खेलों दंगल, कबड्डी और खो-खो का आयोजन भी होगा।

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