Home Chandigarh विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित हरियाणा फिल्म महोत्सव में शामिल हुए बालीवुड स्टार राजकुमार राव

विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित हरियाणा फिल्म महोत्सव में शामिल हुए बालीवुड स्टार राजकुमार राव

by ND HINDUSTAN
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हरियाणा के पिंजौर में 100 एकड़ भूमि पर जल्द बनेगी फिल्म सिटीः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 गुरुग्राम में भी फिल्म सिटी के निर्माण को लेकर प्रक्रिया जारी

 सिनेमा जगत से जुड़े कलाकारों को मिलेगा फायदा और रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित

 हरियाणा की माटी में वीरता, कला और संस्कृति का अनमोल संगम – नायब सिंह सैनी

 हरियाणा फ़िल्म महोत्सव से देश में हरियाणा की बनेगी नई पहचान

एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने फिल्म जगत को बढ़ावा देने और कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए 2 चरणों में फिल्म सिटी बनाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में जिला पंचकूला के पिंजौर में 100 एकड़ में फिल्म सिटी बनाई जा रही है। इसके लिए जमीन निर्धारित की जा चुकी है और इस परियोजना के लिए कंसलटेंट लगाने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही फिल्म सिटी का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। दूसरे चरण में गुरुग्राम में फिल्म सिटी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जमीन के चयन की प्रक्रिया जारी है। इससे सिनेमा जगत से जुड़े कलाकारों को न केवल फायदा बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में सिने फाउंडेशन, हरियाणा (विश्व संवाद केन्द्र) तथा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ फिल्मकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और विश्व संवाद केन्द्र को 21 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की।

नायब सिंह सैनी ने फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों की मांगों पर आश्वासन देते हुए कहा कि दूरदर्शन पर हफ़्ते में एक बार हरियाणवी फ़िल्म का प्रदर्शन करने के संबंध में प्रसार भारती के साथ बातचीत कर इसे शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (सुपवा) को हरियाणा के प्रत्येक विश्वविद्यालय में फ़िल्म मेकिंग कोर्स शुरू करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा, हर स्कूल में थिएटर एजुकेशन शुरू करने के लिए भी सुपवा शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इस दिशा में प्रयास करेगा।

उन्होंने सिंगल स्क्रीन सिनेमा को पुनर्जीवित करने की मांग पर आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार ने क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए फिल्म प्रोमोशन बोर्ड बनाया हुआ है। यह बोर्ड कला एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के साथ मिलकर इस दिशा में नीति निर्धारण का काम करेगा। उन्होंने कहा कि फ़िल्म सब्सिडी के संबंध में सरकार की नीति के अनुसार आगामी 30 दिनों में लंबित पड़े सभी 5 आवेदनों की सब्सिडी का भुगतान कर दिया जाएगा। साथ ही सब्सिडी के लिए नए आवेदन भी मांगे जाएंग

हरियाणा की माटी में वीरता, कला और संस्कृति का अनमोल संगम

 नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह फ़िल्म महोत्सव हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को समझाने और उसे प्रोत्साहित करने का सराहनीय प्रयास है। यह केवल सिनेमा का पर्व नहीं है, बल्कि हरियाणवी संस्कृति, कला और भाषा के प्रति हमारी गहरी आस्था और सम्मान का प्रतीक भी है। हरियाणा की माटी में वीरता, कला और संस्कृति का अनमोल संगम है। यहां की लोक कला, संगीत और नृत्य अपनी मौलिकता और जीवंतता के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव हरियाणवी सिनेमा के गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश राजनीतिक व प्रशासनिक इकाई के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक, प्राकृतिक, शौर्य, परंपरा और स्वाभिमानी जीवन जीने की अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की इस माटी में परिश्रम, पराक्रम और परमेश्वर का अद्भुत संगम है। यहाँ की धरती ने न केवल योद्धाओं और खिलाड़ियों को जन्म दिया बल्कि संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में भी अपना विशेष योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जन जागरण का भी सशक्त माध्यम है। हरियाणवी सिनेमा ने भी अपने सफर में समाज को जागरूक करने, परंपराओं को संजोने और नवीन विचारधाराओं को प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने सिनेमा को युवा पीढ़ी को प्रभावित करने वाला सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि हमें सकारात्मक विषयों के साथ सिनेमा को युवाओं तक पहुंचाना चाहिए। इस दिशा में सिनेमा जगत से जुड़ी हस्तियां पहल करें।

इस फ़िल्म महोत्सव से हरियाणा की देश में बनेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक गोवा और पुणे में इस प्रकार के फिल्म महोत्सव आयोजित किए जाते रहे हैं, लेकिन हरियाणा में फिल्म महोत्सव का आयोजन एक साहसिक कार्य है। इससे सिनेमा जगत में हरियाणा की एक नई पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव नई पीढ़ी के दर्शकों और कलाकारों को सिनेमा के प्रति जागरूकता पैदा करेगा। यह फ़िल्म महोत्सव कला, संस्कृति और फिल्मों का शानदार संगम है। इस फ़िल्म महोत्सव से हरियाणा की देश में एक नई पहचान बनेगी । 

नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में फ़िल्म उद्योग के लिए अपार सम्भावनाएं हैं। इसी को मूर्त रूप देने के लिए सरकार ने हरियाणा में फिल्म एवं मनोरंजन नीति लागू की है। इस नीति के तहत फिल्मों की शूटिंग की परमिशन ऑनलाइन दी जाती है। सरकार का उद्देश्य हरियाणा को हॉलीवुड, बॉलीवुड व दुनिया के अन्य फ़िल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनाना है।

हरियाणा फ़िल्म महोत्सव– 2025 युवाओं को सिनेमा क्षेत्र में आगे बढ़ाने का बेहतरीन मंच – राज कुमार राव

हरियाणा निवासी और हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता राज कुमार राव ने कहा कि हरियाणा फ़िल्म महोत्सव– 2025 एक ऐसा प्लेटफार्म है, जो युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतरीन मंच प्रदान करेगा। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की सोची थी तो उस समय इतने अवसर या इस प्रकार के मंच नहीं होते थे, इसलिए आज युवाओं को इस प्रकार के प्लेटफार्म के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज भारत की विश्व में एक अनूठी पहचान बनी है और सिनेमा क्षेत्र में आज नए-नए आयाम व अवसर पैदा हो रहे हैं। इसलिए युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने  जुनून के साथ पूरी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ेंगे तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी।

 इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, रोहतक के मेयर श्री रामअवतार वाल्मीकि और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह,उद्योगपति राजेश जैन,प्रोफेसर सीताराम व्यास, विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष डा.मार्कण्डेय आहुजा,सचिव राजेश कुमार  सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे

फिल्में सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहींः सुनील आंबेकर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में आयोजित फिल्म महोत्सव के अवसर पर कहा कि “आज हरियाणा के युवाओं ने फिल्म जगत में जो पहचान बनाई है, वह गर्व का विषय है। हमारे बीच अभिनेता राजकुमार राव जैसे उदाहरण मौजूद हैं जिन्होंने अपने अभिनय और कार्य के माध्यम से हरियाणा का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।“ उन्होंने कहा कि “फिल्में अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गईं, अब यह सामाजिक परिवर्तन और प्रेरणा का माध्यम बन चुकी हैं। 

उन्होंने कहा कि एक समय था जब फिल्मों को चलाने के लिए उन्हें स्विट्जरलैंड या अमेरिका ले जाना जरूरी होता था, लेकिन आज काशी और बनारस जैसे भारतीय स्थलों पर बनी कहानियाँ भी चर्चा में रहती हैं। इसका अर्थ है कि अब भारत की आत्मा और उसकी मिट्टी ही विश्व को आकर्षित कर रही है।“ उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के लोग अपनी मिट्टी, गाय, और संस्कृति की पूजा करते हैं और यही हमारी जड़ों से जुड़ी आस्था आज पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है। “हमें अब खुद की कहानियाँ रचनी होंगी, और दुनिया को दिखाना होगा कि हमारा सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान कितना समृद्ध है।“ 

इस फिल्म महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए  आंबेकर जी ने कहा, “यह मंच हर उस युवा के लिए है जो देश के किसी भी कोने में रहकर फिल्म निर्माण, लेखन, निर्देशन या अभिनय से जुड़ना चाहता है। किसी का भी टैलेंट पीछे न रह जाए, यही इस आयोजन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।“ उन्होंने फिल्म महोत्सव को ढेरों शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि इस तरह के प्रयासों से हरियाणा ही नहीं, पूरा भारत सांस्कृतिक रूप से और अधिक समृद्ध और जागरूक बनेगा

आज की स्क्रीनिंग

फिल्म का नाम | निर्देशक | अवधि | संस्थान

बीज | अमित मलिक | 9:58 | स्टेज

उक_चूक | अभिमन्यु यादव | 15:47 | रोहतक

नॉट | अभय परवीन | 14:30 | जींद, हरियाणा

कुटुम्ब :रिश्तों की मिठास | वैभव शर्मा | 9:47 | दिल्ली

शूर | विकास | 19:11 | गुरुग्राम

मानव मानस की दवाई | अंकित | 10:39 | सीआरएसयू जींद

म्हारा हरयाणा | राजन मिश्रा | 8:28| आर्य.पी.जी.कॉलेज, पानीपत

पुरस्कार लघु फिल्म प्रोफेशनल 

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कोड | फिल्म का नाम | निर्देशक | फिल्म की अवधि | संस्थान | स्थान

पीएस-8 | बीज | | 09:58 | स्टेज | प्रथम

पीएस-7 | नचार | चेतन | 13:38 | दादा लखमी चंद राज्य विश्वविद्यालय, रोहतक | द्वितीय

पीएस-2 |उकचूक | अभिमन्यु यादव | 15:47 | रोहतक | तृतीय

पीएस-25 | फौज | | 19:55 | चौपाल | सराहना

पीएस-22 | आखिरी मुलाकात | | 11:54 | चौपाल | सराहना

पीएस-3 | बंटू की टोली | तरणजीत बल | 24:18:00 | रोहतक | सराहना

पीएस-21| शोर | ईशान खनगवाल | 19:11 | गुरुग्राम | सर्वश्रेष्ठ पटकथा

पीएस-12| धीमा जहर | अशोक वर्मा | 29:52:00 | सफीदों | सर्वश्रेष्ठ संपादक

पीएस-7 | नचार (चेतन शर्मा)| चेतन शर्मा | 13:38 | दादा लखमी चंद राज्य विश्वविद्यालय, रोहतक | सर्वश्रेष्ठ पुरुष अभिनेता

पीएस-8 | बीज | | 09:58 | स्टेज | सर्वश्रेष्ठ कैमरा

पीएस-8 | बीज | | 09:58 | स्टेज | सर्वश्रेष्ठ निर्दे

 पुरस्कार वृत्त चित्र प्रोफेशनल 

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1.पहला स्थान, कोड- ओडी-1 

फिल्म का नाम: इति-रागणी 

निर्देशक: भरत अंटिल 

संस्थान: ग्रिड मैजिक, सोनीपत 

फिल्म की अवधि: 28:43:00 

2. दूसरा स्थान, कोड- पीडी-2 

फिल्म का नाम: गीता जयंती 

संस्थान: स्टेज 

फिल्म की अवधि: 16:50 

3. तीसरा स्थान, कोड- पीडी-4 

फिल्म का नाम: मैं हूँ रनर 

संस्थान: चौपाल 

फिल्म की अवधि: 10:21

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