एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) कुरुक्षेत्र इकाई, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, कुरुक्षेत्र, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ (RPSS) तथा अन्य संगठनों ने स्कूलों में लागू की जा रही डिजिटल डायरी प्रणाली का कड़ा विरोध किया है। हसला के जिला प्रधान डॉ. तरसेम कौशिक तथा हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। डॉ. तरसेम कौशिक ने कहा कि डिजिटल डायरी शिक्षकों के लिए एक अतिरिक्त तकनीकी बोझ है, जिससे न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित होगा, बल्कि शिक्षकों का मानसिक दबाव भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले ही शिक्षकों से कई गैर-शैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं, और अब डिजिटल डायरी जैसे प्रयोगों से शिक्षक मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से भटकाए जा रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से हसला ने सरकार से मांग की कि डिजिटल डायरी को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। यदि सरकार ने शिक्षकों की इस जायज मांग की अनदेखी की, तो एसोसिएशन राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षक नई तकनीकों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब तकनीक शिक्षण में बाधा बनने लगे, तो उसका विरोध आवश्यक हो जाता है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि डिजिटल डायरी के नाम पर शिक्षकों पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है। इससे न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित होगा, बल्कि शिक्षकों का मनोबल भी गिरेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक लगातार प्रशासनिक कार्यों में उलझे हुए हैं, और अब डिजिटल डायरी जैसे कदमों से उनकी मूल भूमिका – गुणवत्तापूर्ण शिक्षण – पर सीधा असर पड़ेगा। दोनों संगठनों ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए डिजिटल डायरी व्यवस्था को तुरंत वापस लिया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो पूरे हरियाणा में आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर हसला के संरक्षक डॉ दिनेश यादव, वरिष्ठ उपप्रधान राजेश सैनी, महासचिव जयप्रकाश, प्रेस सचिव संजीव जिंदल, वित्त सचिव अली शेर, उप प्रधान रवि दत्त, अनिल कुमार, प्रितिका हुडा, परमजीत कौर, सुमन गौतम, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से रामेश्वर दास, संदीप, संदीप फोगाट, संदीप तंवर, रविंद्र कुमार, अध्यापक संघ से सुदर्शन, अनिल शर्मा, जगदीश पल, जितेंदर, राजेंदर कुमार इत्यादि शिक्षक उपस्थित रहे।