एनडी हिन्दुस्तान
पंचकूला । हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि पहलगाम की घटना से पाकिस्तान ने अपने विघटन के बीज बो दिए हैं और पाकिस्तान के विघटन के पहले अध्याय की पहली पंक्ति इस घटना के शहीदों ने लिख दी है। प्रो. अग्निहोत्री अकादमी सभागार में पहलगाम में आतंकी हमले के शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे मूल रूप से पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति है। पाकिस्तान के लोगों द्वारा टू नेशन थ्यूरी को नकारने से पड़ोसी देश बौखला गया है और अब वह इस तरह के कायराना हमले कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के दूरगामी परिणाम होंगे जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर टूट जाएगी। अकादमी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रख शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं अकादमी के संस्कृत प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. चित्तरंजन दयाल सिंह कौशल ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आतंकवादियों द्वारा भारत की समरसता एवं एकता को समाप्त करने की नाकाम कोशिक की गई है लेकिन देश उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगा तथा अब इन नासूर ताकतों की चिरफाड़ जरूरी है।
श्रद्धांजलि सभा में पंजाबी प्रकोष्ठ के निदेशक हरपाल सिंह गिल ने कहा कि आतंकियों द्वारा इस तरह की घिनौनी करतूत से देश की प्रसिद्वि रोकने की कोशिश है तथा इन ताकतों का कोई मिशन नहीं है। हर देशवासी सरकार के निर्णय के साथ खड़ा है जिससे की इन ताकतों को सबक सिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि कल करनाल में शहीद विनय नरवाल की अंत्येष्टि में सम्मिलित होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा में अकादमी के मंजित सिंह, डॉ. विजेन्द्र सिंह, रघुबीर सिंह आदि ने भी शहीदों शब्दांजलि अर्पित की।