Home Chandigarh ऑल कांट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ भारत 1 मई को मजदूर दिवस पर लंबित मांगों के समर्थन में करेगा एक बड़ा रोष प्रदर्शन

ऑल कांट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ भारत 1 मई को मजदूर दिवस पर लंबित मांगों के समर्थन में करेगा एक बड़ा रोष प्रदर्शन

by ND HINDUSTAN
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यूनियनों, फेडेरेशन्स और ट्राईसिटी के निवासियों से कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी की अपील की दें संघर्ष में बढ़ चढ़ कर कर्मचारी संघ का साथ

एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़ ।  ऑल कांट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ भारत (रजि.), यूटी चंडीगढ़ द्वारा 1 मई को मस्जिद ग्राउंड, सेक्टर-20 में “मजदूर दिवस” के अवसर पर लंबित मांगों के समर्थन एक बड़ा रोष प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर कर्मचारी संघ द्वारा लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान हेतु शासन-प्रशासन के खिलाफ “हल्ला बोल” आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। कार्यक्रम में चंडीगढ़ के कांट्रैक्ट, आउटसोर्सिंग कर्मचारी एवं आम नागरिक सपरिवार शामिल होंगे।

कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी बैठक चेयरमैन बिपिन शेर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें शिकागो के 1886 के शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का निर्णय लिया गया। प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई बार प्रशासन से बैठक की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

महासचिव सतीश कुमार ने कहा कि पिछले 20-25 वर्षों से विभिन्न विभागों में कार्यरत कांट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नौकरी की कोई सुरक्षा नीति नहीं है, जबकि अन्य राज्यों में इस संबंध में नीति बनाई जा चुकी है।

संघ की सीनियर उपाध्यक्ष पूनम टपरियाल ने कहा कि यह संघर्ष न आपके बारे में है, न मेरे बारे में—यह हम सभी के बारे में है, जो मिलकर मेहनत कर रहे हैं।

 उन्होंने मांग की कि पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर उचित प्रक्रिया के तहत नियुक्त कांट्रैक्ट कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जाए और श्रम कानूनों, विशेषकर सीएलआरए अधिनियम 1970 का सख्ती से पालन हो—जिसमें समान कार्य के लिए समान वेतन और ठेकेदारी प्रथा की समाप्ति जैसी महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के डीसी दर पर कार्यरत कर्मचारियों को बेसिक + डीए देने, एनएचएम और मिड डे मील कर्मियों को डीसी रेट समक्ष या समान दरें लागू करने, मौजूदा डीसी रेट दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने तथा ईएसआई और ईपीएफ की सीमा को 50,000 रुपये तक बढ़ाने की मांग रखी। 

कर्मचारी संघ के चीफ एडवाइजर ने प्रशासन से सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुरूप कच्चे कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की और साथ ही चेताया कि यदि इस संबंध में शीघ्र बैठक नहीं की गई, तो आंदोलन को तेज करते हुए गवर्नर हाउस तक मार्च किया जाएगा। 

उन्होंने विभिन्न यूनियनों, फेडेरेशन्स और ट्राईसिटी के निवासियों से भी अपील की है कि वे इस संघर्ष में संघ का  साथ बढ़ चढ़ कर दें।

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