एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। छात्रों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने एवं उनके कला कौशल को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से गीता निकेतन आवासीय विद्यालय, कुरुक्षेत्र में प्रति वर्ष की तरह प्रतिभा प्रदर्शन कार्यक्रम – 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। विद्यालय में आयोजित रंगारंग प्रतिभा प्रदर्शन कार्यक्रम ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति के विविध रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में पंजाब की मस्ती, राजस्थान की शालीनता, हरियाणा का गौरव, ब्रज की भक्ति और देशभक्ति की भावना एक साथ मंच पर उतरी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने एकल गीत, सामूहिक गीत, नृत्य, कविता गायन, नाटक, एकल नृत्य, सामूहिक नृत्य, अभिनय आदि विधाओं में अपनी प्रस्तुतियाँ देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिभा प्रदर्शन कार्यक्रम में 60 गतिविधियों में लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साह और उर्जा से प्रतिभागिता की।
कार्यक्रम में प्रस्तुत नृत्य महाभारत ने धर्म स्थापना, कविता ने भगतसिंह के बलिदान और शक्ति की आराधना में प्रस्तुत ‘महिषासुर मर्दिनि स्तोत्र’, ‘आइगिरी नंदिनी’ पर आधारित नृत्य ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। तत्पश्चात् माइम के माध्यम से नन्हें कलाकारों ने पुलवामा की ज्वलंत समस्या की ओर सबका ध्यान आकर्षित करते हुए यह संदेश दिया कि देश की सेवा सर्वोच्च धर्म है। हमें जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए एकजुट होना चाहिए। इसके बाद पारंपरिक राजस्थानी घूमर ने दर्शकों को लोक-संस्कृति की गरिमा से परिचित कराया। पंजाबी नृत्य ‘तू कादी पंजाबन’, ‘आधुनिक अंदाज़ में पेश पंजाबी मैशअप और ‘इतनी सी हंसी’ पर भावनात्मक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विविध रंगों से सजाया। जहाँ स्वागत गीत ‘पधारो मारे देश’ पर प्रस्तुति ने राजस्थानी संस्कृति की मेहमाननवाजी को दर्शाया, वहीं ‘मान हरियाणे का’, पर हरियाणवी नृत्य ने गर्व और साहस का संदेश दिया। ब्रज की भक्ति पर आधारित ‘बांके बिहारी’ और ‘मेरी राधा वल्लभ’ पर प्रस्तुत भावनात्मक नृत्यों ने दर्शकों को कृष्ण-राधा के प्रेम में डुबो दिया। इसके पश्चात ‘नगाड़े संग ढोल’ पर भव्य समूह नृत्य ने कार्यक्रम को ऊर्जा से भर दिया। अंत में देशभक्ति गीतों ‘वन्दे मातरम्’, ‘ए वतन’ और वैदिक श्लोकों के समवेत स्वर ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
इस अवसर पर उपस्थित विद्यालय के प्राचार्य श्री नारायण सिंह ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम भारतीयता, एकता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण रहा। उन्होंने विद्यार्थियों की अद्वितीय प्रतिभा की मुक्तकंठ प्रशंसा करते हुए कहा कि बालकों के सर्वांगीण विकास हेतु उनके आनंदमयकोश को विकसित करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम नींव का पत्थर साबित होते हैं। शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।