– जिला प्रशासन की ओर से रेवाड़ी में चार स्थान पर हुआ नागरिक सुरक्षा अभ्यास
-सांय 5 बजे आपातकाल स्थिति के मद्देनजर बजे सायरन से सभी हो गए सचेत एवं सतर्क
-डीसी अभिषेक मीणा ने मॉक ड्रिल की हर गतिविधि पर रखी पैनी नजर
-शाम 8:00 बजे से 8:15 बजे तक एयर स्ट्राइक के मद्देनजर मॉक ड्रिल में ब्लैक आउट
एनडी हिन्दुस्तान
रेवाड़ी। हरियाणा सरकार के दिशा निर्देशों अनुरूप आपातकालीन तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रेवाड़ी जिला में “ऑपरेशन शील्ड” नामक नागरिक सुरक्षा अभ्यास आयोजित हुआ। यह व्यापक अभ्यास गृह मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में सायं 5 बजे शुरू हुआ। जिला पुलिस लाइन परिसर में निर्धारित समयावधि में यह मॉक ड्रिल हुई।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं डीसी अभिषेक मीणा के नेतृत्व में जिला में योजनाबद्ध तरीके से नागरिक सुरक्षा अभ्यास किया गया जिसमें आपदा की स्थिति में हुई जान माल की रक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
डीसी ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य मौजूदा आपातकालीन तंत्र का परीक्षण करना, नागरिक प्रशासन, रक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के बीच समन्वय में सुधार करना तथा उन क्षेत्रों की पहचान करना है, जिन्हें मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित नागरिक सुरक्षा अभ्यास के तहत रेवाड़ी जिला में नागरिक सुरक्षा तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया का परीक्षण और सुदृढ़ीकरण करने के उद्देश्य से यह दूसरी मॉक ड्रिल हुई है इससे पूर्व 7 मई को भी प्रशासन की ओर से मॉक ड्रिल हुई थी।
मॉक ड्रिल में सांय 5 बजे साइरन के साथ पुलिस लाइन परिसर, बीएमजी टाउनशिप, बावल कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र व कोसली सामान्य अस्पताल में चिह्नित स्थान पर अभ्यास शुरू हुआ। सायरन के बजने के साथ ही आगजनी, एयर स्ट्राइक जैसी आपदा की स्थिति में तुरंत प्रभाव से सभी एक्टिव मोड़ में आ गए और लोग स्वयं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे। जहां कहीं भी आपदा की स्थिति के दौरान लोग ऊपरी तलों पर फंस गए थे उन्हें सुरक्षित तरीके से फायर बिग्रेड कर्मियों व आपदा मित्रों व एनसीसी वॉलिंटियर्स द्वारा नीचे उतारा गया और इलाज के लिए निकटवर्ती अस्पताल में पहुंचाया गया।
पुलिस लाइन में आपदा की स्थिति से निपटने के लिए की गई मॉक ड्रिल में इंसिडेंट कमांडर एवं डीएमसी राहुल मोदी ने दी अभ्यास पूर्ण होने उपरांत सम्बंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली और जिला भर में हुई मॉक ड्रिल का विभागीय स्तर पर रिस्पॉन्स टाइम भी चेक किया।
डीसी ने बताया कि शाम 5 बजे आपातकालीन चेतावनी वाला सायरन बजाकर सरकारी विभागों और स्वयंसेवकों सहित सभी हितधारकों को शामिल करते हुए महत्वपूर्ण और रणनीतिक स्थानों पर मॉक ड्रिल ऑपरेशन शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया कि ऐसी स्थिति आने पर आश्रय के रूप में एक सुरक्षित आंतरिक कमरे या तहखाने की पहचान करें। फॅमिली ड्रिल्स का अभ्यास करें, लाइट बंद करें, 1-2 मिनट के भीतर सुरक्षित क्षेत्र में इकट्ठे हों। उन्होंने बताया कि लोगों में जागरूकता लाने के लिए कंट्रोल रूम सचिवालय में बनाया गया था जिसमें कंट्रोल रूम नंबर टोल फ्री नम्बर 18001801530 व 01274-225145 बारे जानकारी आमजन को दी गई थी। मॉक ड्रिल के दौरान उक्त कंट्रोल रूम में आई सूचना के आधार पर पूरा अभ्यास किया गया।
डीसी ने बताया कि यह मॉक ड्रिल आपातकालीन स्थिति में क्या करें और क्या न करें और क्या-क्या सावधानियां बरतने के उद्देश्य से करवाई गई है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया वे अपने क्षेत्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को दें। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जिला और राज्य, दोनों स्तरों पर घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस) को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिक्रिया तंत्र को सुव्यवस्थित करना, आपातकालीन स्थितियों के दौरान भ्रम को कम करना और तदर्थ उपायों पर निर्भरता को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार करना तथा विकट स्थिति के दौरान बड़े पैमाने पर दहशत की संभावना को कम करना है।
मॉक ड्रिल के मद्देनजर डीसी अभिषेक मीणा व एसपी हेमेंद्र मीणा ने प्राधिकरण के सभी सदस्यों सहित अन्य गणमान्य प्रतिनिधि के साथ बैठक भी की और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए किए जाने वाले प्रबंधों की समीक्षा की। रेवाड़ी जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में शनिवार की शाम 8:00 बजे से 8:15 बजे तक एयर स्ट्राइक के मद्देनजर आयोजित मॉक ड्रिल में ब्लैक आउट करने की अपील भी की गई है। डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से अपील की है कि वे अपने घर की लाइट उक्त अवधि में बंद रखें और इंडोर व आउटडोर की लाइट जिसमें इन्वर्टर से भी बिजली आपूर्ति चालू न रखें। खिड़कियों के पास फोन या एलईडी डिवाइस का इस्तेमाल करने से भी बचें। बैठक में इस दौरान डीआरओ प्रदीप देशवाल, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा, डीएसपी विनोद शंकर व अन्य अधिकरीगण मौजूद रहे।
ऑपरेशन शील्ड’ की प्रमुख गतिविधियाँ
– एयर रेड सायरन बजाकर आपदा की चेतावनी
– सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम और इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना
– आग, गैस रिसाव, भवन ढहने जैसी आपदाओं की काल्पनिक परिस्थितियाँ
– मेडिकल टीम द्वारा त्वरित प्राथमिक उपचार
– वायरलेस/कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से विभागीय समन्वय
– सायं 8 बजे से 8:15 बजे तक जिला स्तरीय ब्लैकआउट
विभिन्न विभागों की मॉक जिम्मेदारी और मूल्यांकन