एनडी हिन्दुस्तान
यमुनानगर। मिशन वात्सल्य में बाल संरक्षण का पाठ अब केवल शिक्षक ही नहीं बच्चे भी पढ़ाएंगे। महिला एवं बाल विकास की जिला बाल संरक्षण इकाई की और से स्कूली बच्चों को बाल संरक्षण विषय की जानकारी मुकम्मल तौर पर दी जा रही है, ये बच्चे बाल संरक्षण तंत्र प्रणाली को मजबूत करेंगे। समाज में हर बच्चे को बाल अधिकार बाल संरक्षण विषय का ज्ञान आरम्भ से होना जरूरी है।
गवर्नमेंट मिडिल स्कूल भम्भौली में एक जागरूकता शिविर के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई से मनीष कुमार, गौरव शर्मा और मुकेश कंसल ने बताया कि बुनियादी शिक्षा के साथ ही बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 , बाल विवाह निषेध की जानकारी होने पर अपराध पर लगाम लगायी जा सकती है ये केवल जागरूकता से संभव है।
बच्चों को हर समय सावधान और सतर्क रहना चाहिए परिजनों, शिक्षकों सभी को बच्चों के संरक्षण के लिए बाल संरक्षण मित्र बनकर सहयोग करना होगा। अनजान पर विश्वास बच्चों के लिए हानिकारक है बच्चे आसानी से लालच का शिकार हो जाते है।
नो टच कहना सीखे
गुरप्रीत सिंह ने बताया की बच्चों को गुड़ टच बैड टच की बजाए अब नो टच के प्रति जानकारी दी जाए। बच्चों को किसी भी स्थिति में असहज होने पर इसकी जानकारी देनी चाहिए। मिशन वात्सल्य का उद्देश्य है कि समाज के सहयोग से एक मजबूत बाल संरक्षण तंत्र निर्माण किया जाए जिसके तहत जागरूकता शिविरों कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।