कुवि की हिंदी विभाग की शोधार्थी पुष्पा ने उत्तीर्ण की यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, पूरे भारत में प्राप्त किया प्रथम रैंक
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की हिंदी विभाग की शोधार्थी पुष्पा ने जून 2025 में आयोजित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा – जूनियर रिसर्च फेलोशिप (यूजीसी नेट जेआरएफ) परीक्षा में 100 प्रतिशत पर्सेंटाइल स्कोर प्राप्त कर पूरे भारत में जनरल कैटेगरी में प्रथम रैंक प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल ने छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि यह शोधार्थी पुष्पा की कड़ी मेहनत एवं परिश्रम का परिणाम है। यूजीसी नेट परीक्षा पास करना छात्रों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक व छात्रा पुष्पा के शोध निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने भी छात्रा को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि पुष्पा ने यूजीसी नेट परीक्षा परीक्षा में 300 में से 250 अंक प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर व जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरआफ) की अनिवार्य योग्यता प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि शोधार्थी पुष्पा प्रेमचंद और चार्ल्स डिकेन्स के उपन्यासों में बाल मनोविज्ञान का तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उनके निर्देशन में शोध कर रही है।
शोधार्थी पुष्पा के को-गाईड डॉ. प्रीतम सिंह ने कहा कि कड़ी मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप ही जीवन में सफलता मिलती है जो दूसरों को भी प्रेरित करती है।
डॉ. अजय जांगडा बने कुटिक के कोर्डिनेटर
डॉ. विशाल अहलावत को मिली कुटिक के डिप्टी कोर्डिनेटर की जिम्मेवारी
कुरुक्षेत्र, 23 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी(यूआईईटी) के एसोसिएट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा को तत्काल प्रभाव से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी इंक्यूबेशन सेंटर (कुटिक) का कोऑर्डिनेटर तथा यूआईईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विशाल अहलावत को कुटिक का डिप्टी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। यह जानकारी लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने दी।
उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेवारी को सौंपने के लिए डॉ. अजय जांगडा तथा डॉ. विशाल अहलावत ने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार प्रकट किया व पूरी लगन व कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने की बात कही।
कुवि में 28वें ऑनलाइन एनईपी 2020 ओरिएंटेशन कार्यक्रम का दूसरा दिन सम्पन्न
कुरुक्षेत्र, 23 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी विषय पर आधारित 28वां ऑनलाइन एनईपी 2020 ओरिएंटेशन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दूसरे दिन के पहले सत्र के पहले वक्ता मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद की डॉ. मेराज अहमदी मुबारकी ने एनईपी 2020 के मूल्यों, विशेष रूप से गुणवत्ता अनुसंधान, आलोचनात्मक सोच और नैतिक शैक्षणिक व्यवहारों के बारे में बताया। उन्होंने प्लेजरिज्म के विभिन्न प्रकारों, जैसे आत्म-प्लेजरिज़्म, पर चर्चा की और यह बताया कि उचित संदर्भ के माध्यम से अनजाने में होने वाली नकल से कैसे बचा जा सकता है।
दूसरे सत्र के वक्ता महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में कंप्यूटर साइंस एवं एप्लिकेशन विभाग में प्रोफेसर और डिजिटल लर्निंग सेंटर के निदेशक डॉ. नसीब सिंह गिल, ने 21वीं सदी की शिक्षण-पद्धतियाँ और एनईपी-2020 का कार्यान्वयन विषय पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का समावेश एनईपी 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। एनईपी 2020 के परिवर्तनकारी लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर शिक्षक यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम हों, बल्कि डिजिटल युग में सफलता पाने के लिए आवश्यक आलोचनात्मक कौशल से भी सुसज्जित हों।
सत्र का समापन कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. सुमन बाला द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने प्रो. प्रीति जैन, निदेशक, यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया।