Home Chandigarh बिना तोड़-फोड़ के वास्तु समाधान: आधुनिक जीवनशैली में सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता की दिशा में एक प्रभावशाली कदम

बिना तोड़-फोड़ के वास्तु समाधान: आधुनिक जीवनशैली में सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता की दिशा में एक प्रभावशाली कदम

by ND HINDUSTAN
0 comment

“जब निर्माण न बदले, तब भी ऊर्जा बदली जा सकती है — बिना तोड़-फोड़ के वास्तु उपायों से संभव है संतुलन, शांति और सफलता।” — वास्तु विशेषज्ञ विराज वाधवा

एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़। तेज़ रफ्तार जीवनशैली, सीमित स्थान और अपार्टमेंट संस्कृति के इस युग में, जब हर व्यक्ति अपने घर या कार्यालय में मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि की तलाश कर रहा है, ऐसे में वास्तु शास्त्र एक प्राचीन किन्तु आज भी पूर्णतः प्रासंगिक विज्ञान के रूप में उभर रहा है। यह विज्ञान आज बिना किसी तोड़-फोड़ के उपायों द्वारा लोगों को ऊर्जा संतुलन और जीवन में स्थायित्व प्रदान करने में सक्षम सिद्ध हो रहा है। यह बात वास्तु विशेषज्ञ एवं ज्योतिषाचार्य विराज वाधवा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही।

वास्तु विशेषज्ञ एवं ज्योतिषाचार्य विराज वाधवा, जो ढकोली (ज़ीरकपुर) स्थित अपने केंद्र ‘कॉस्मिक वास्तु’ से सेवाएं दे रहे हैं, वास्तु के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखते हैं। उनका मानना है कि आज के शहरी जीवन में निर्माण कार्य में बदलाव कर पाना अक्सर संभव नहीं होता, “लेकिन वास्तु दोषों को बिना तोड़-फोड़ के भी प्रभावी ढंग से सुधारा जा सकता है।” 

उन्होंने बताया कि किसी भवन के निर्माण से पहले या बाद में भी मुख्य द्वार की दिशा, रसोई और शौचालय का स्थान, तथा कमरों की स्थिति जैसे कारकों का जीवन पर गहरा असर पड़ता है। यदि इनमें असंतुलन हो, तो दर्पण, रंग चिकित्सा, पिरामिड, धातु की पट्टियाँ और दिशात्मक उपकरणों जैसे उपायों द्वारा ऊर्जा को संतुलित किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जन्म कुंडली और वास्तु को मिलाकर कार्य किया जाए, तो समाधान अधिक सटीक, व्यक्तिगत और दीर्घकालिक होते हैं। यह समग्र दृष्टिकोण व्यक्ति और स्थान दोनों की ऊर्जा का समन्वय करता है, जिससे जीवन में शांति और उन्नति सहजता से आती है।

वाधवा ने आगे कहा कि आज के आधुनिक फ्लैट्स और ऑफिसों में उत्तर-पूर्व में शौचालय, दक्षिण-पश्चिम में रसोई, तथा गलत दिशा में प्रवेशद्वार जैसी वास्तु संबंधी त्रुटियाँ आम होती जा रही हैं। परंतु यह सभी दोष बिना किसी महंगे निर्माण कार्य के सुलभ और प्रभावी तरीकों से सुधारे जा सकते हैं।

एक उदाहरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि एक ग्राहक को अग्नि तत्व के दोष के कारण वर्षों से आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। केवल रंगों और दिशात्मक टूल्स के माध्यम से, बिना किसी निर्माण कार्य के, कुछ ही सप्ताह में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला।

उन्होंने सलाह दी कि जो लोग नया घर बना रहे हैं, उन्हें निर्माण की योजना में ही वास्तु ज़ोन और दिशा विज्ञान को सम्मिलित करना चाहिए। और यदि भवन पहले से बना हुआ है, तो भी बिना तोड़-फोड़ के उपायों को अपनाकर जीवन में संतुलन और सफलता प्राप्त की जा सकती है।

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?