Home haryana विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेन्द्र सिंह को दी भावभीनी विदाई

विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेन्द्र सिंह को दी भावभीनी विदाई

by ND HINDUSTAN
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सुधीर कुमार होंगे संस्थान के प्रबंधक

एनडी हिन्दुस्तान

कुरुक्षेत्र। विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान में सुमंगल कामना दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के निदेशक डॉ. रामेन्द्र सिंह को सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारियों सहित विद्या भारती उत्तर क्षेत्र, हिन्दू शिक्षा समिति के पदाधिकारियों सहित नगर के अनेक स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंचासीन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर, संस्थान के अखिल भारतीय प्रभारी डॉ. ललित बिहारी गोस्वामी, संस्थान की अध्यक्षा डॉ. ममता सचदेवा, सचिव कुलवीर शर्मा एवं डॉ. रामेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। सुमंगल कामना दिवस कार्यक्रम में डॉ. रामेन्द्र सिंह एवं उनके पारिवारिक सदस्यों को पुष्पगुच्छ, शॉल, प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया एवं उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर सुधीर कुमार को संस्थान के प्रबंधक पद पर नियुक्ति दी गई। कार्यक्रम का संचालन सियास्ते के निदेशक डॉ. ऋषि गोयल ने किया एवं अतिथि परिचय संस्थान के सहसचिव डॉ. पंकज शर्मा ने कराया। संस्थान के संगठन मंत्री गोविंद चंद्र महंत आभासी माध्यम से जुड़े रहे। इस अवसर पर संस्थान के कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र वालिया, उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय नड्डा, सह संगठन मंत्री बालकिशन, संरक्षक सुरेंद्र अत्रि, महामंत्री दिलाराम चौहान, सं.बो.परियोजना संयोजक दुर्ग सिंह राजपुरोहित, रत्नचंद सरदाना, डॉ. हुकम सिंह, डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार, डॉ. आर. ऋषि, डॉ. भीम सिंह, डॉ. सी.डी.एस. कौशल, डॉ. शुचिस्मिता, धर्मवीर मिर्जापुर, डॉ. आर.बी. लांग्यान सहित सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अवनीश भटनागर ने कहा कि डॉ. रामेन्द्र सिंह जी के साथ रहते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व के अनेक आयामों को देखने का अवसर मिला। संस्थान ने जो प्रगति की है, वह क्रमिक विकास होने के साथ-साथ उनकी दूरदृष्टि एवं कार्य के प्रति निष्ठा का आभास हो रहा है। नए-नए प्रकल्प मिलने पर उन्होंने सटीक नियोजन के साथ उसका क्रियान्वयन बड़ी समझदारी से किया।
डॉ. ललित बिहारी गोस्वामी ने कहा कि डॉ. रामेन्द्र जी के कार्य की बहुत सी स्मृतियां हैं। कार्यकर्ताओं, अधिकारियों की उनसे बहुत सी अपेक्षाएं होती थीं, उन्होंने बखूबी उसे तन्मयता से संतुष्ट किया। अपने कार्य में उन्होंने क्षमता और योग्यता का जो परिचय दिया है, उसका लाभ सभी को मिलता रहेगा।
सुधीर कुमार ने कहा कि डॉ. रामेन्द्र जी ने स्थिरता के साथ संस्थान को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। संस्थान में ईश्वरीय शक्ति है, जिसके अंतर्गत साधारण कार्यकर्ता संस्थान से जुड़ता है और कार्य करते करते असाधारण कार्य भी बड़े अच्छे से करने लगता है। आगे भी उनका मार्गदर्शन संस्थान को मिलता रहेगा, ऐसी अपेक्षा है।
संस्थान की अध्यक्षा ममता सचदेवा ने कार्यक्रम में आए सभी गणमान्य व्यक्तियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. रामेन्द्र जी ने समय की परवाह न करते हुए अपना पूरा समय संस्थान को दिया और बड़े अचछे कार्य किए। इसके लिए उन्होंने उनके पारिवारिक सदस्यों का भी इसमें बड़ा त्याग बताया।
गोविंद चंद्र महंत ने कहा कि डॉ. रामेन्द्र जी की अनेक वर्षों की तपस्या, साधना ही है जो संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। संस्थान का धीर-धीरे जब विस्तार होता है तो संस्थान स्वयं खड़ा नहीं होता बल्कि कार्यकर्ता उसका आधार होते हैं। कार्यकर्ता का संकल्प रहता है कि उसे जो जिम्मेदारी दी जाती है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाते हैं। रामेन्द्र जी ने संस्थान के लिए जो कार्य किए हैं, उसका लाभ संस्थान को मिलता रहेगा। इस अवसर पर उन्होंने सुमंगल कामनाएं दीं। इस अवसर पर डॉ. रामेन्द्र जी के सुपुत्र अमरेंद्र, संस्थान के कार्यकर्ता ललित कुमार, हरीश जोशी, केदारनाथ ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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