खेल जीवन में लाता है अनुशासन और आत्मविश्वास : चेयरमैन नरेश सेलपाड़
एनडी हिन्दुस्तान
करनाल। खेलों में उभरती प्रतिभाओं को सम्मान देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना समाज का कर्तव्य है। इसी उद्देश्य से राह ग्रुप फाउंडेशन की ओर से एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राह ग्रुप फाउंडेशन के चेयरमैन नरेश सेलपाड़ ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सैन धर्मशाला समिति के प्रधान राकेश बरछीवाल ने की। इस दौरान गोगड़ीपुर करनाल निवासी होनहार खिलाड़ी युदबीर सिंह को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाल ही में हिसार में आयोजित अंडर-14 स्टेट ओपन बाकिसंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता था। युदबीर, दलबीर सिंह के सुपुत्र हैं और उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि पूरे सैन समाज का मान-सम्मान बढ़ा है।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नरेश सेलपाड़ ने कहा कि खेल जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास लाते हैं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय रूप से भाग लें ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने युदबीर और उनके परिवार की मेहनत की सराहना करते हुए यह भी आश्वासन दिया कि राह ग्रुप फाउंडेशन हमेशा से समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करने का काम करता आया है और भविष्य में भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में सहयोग करता रहेगा। इस मौके पर भारतीय जनता मजदूर संघ परिषद (बीजेएमएससी) के प्रदेश महासचिव नरेंद्र दिनोदिया ने कहा कि खेल और शिक्षा दोनों ही जीवन की बुनियाद हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कठिन परिश्रम और लगन से आगे बढ़ें, ताकि समाज और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान सैन समाज की सरदारी और जिलेभर से पहुंचे गणमान्य लोगों ने सामाजिक एकता और समाज उत्थान से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। बैठक में पूर्व खजाना अधिकारी सतीश चंदेल, पूर्व एसडीई गोपीराम पुंडीर, जन्नत होटल के संचालक इन्द्र तंवर, पूर्व एसआई धर्मबीर गोगड़ीपुर, समाजसेवी चमेल ठाकुर, सैन धर्मशाला समिति के प्रधान राकेश बरछीवाल, अकृष्ण ओनग्ध, पूर्व प्रधान राज ऊँचास्माना, रमेश मंजूरा, श्रवण मंजूरा, विकी गोगड़ीपुर, दलबीर सुल्तानपुर, बलिन्दर बुधनपुर, पवन बाहरी, प्रवीन सैन तथा कोर कमेटी हरियाणा के प्रवक्ता एवं सेवा ग्रुप के पदाधिकारी अशोक शास्त्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
यह सम्मान समारोह केवल एक खिलाड़ी का हौसला बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में शिक्षा, खेल और एकता के महत्व पर भी गहन चर्चा का अवसर बना।