संगठन ने अपनी विचारधारा में आधुनिकता के साथ लचीलापन जोड़ा: राजेंद्र
एनडी हिन्दुस्तान
जगाधरी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष व विजय दशमी उत्सव के उपलक्ष्य में शनिवार को 13 मंडलों में पथ संचलन व शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें डारपुर मंडल, कोट मंडल, लेदी मंडल, छछरौली मंडल, फेरूवाला मंडल, हैबतपुर मंडल, बोलीवाला मंडल, सरावंा मंडल, पहाडीपुर मंडल, तुलसी नगर मंडल, मंगलौर मंडल, बनियावाला मंडल, बहादुरपुर मंडल, रामपुर मंडल, जैधर मंडल में सैंकडों स्वयं सेवकों ने पथ संचलन व शस्त्र पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ शताब्दी वर्ष व विजय दशमी उत्सव के निमित पांच अक्टूबर को 20 मंडलों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
आदिबद्री खंड के मंगलौर मंडल में बीएस इंटरनेशनल स्कूल के मुख्य अध्यापक रचित जी ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की। जबकि विश्व हिंदू परिषद जगाधरी के जिला मंत्री राजेंद्र जी मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने पांच परिवर्तन विषयों पर विस्तार से चर्चा की। जिसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य व स्वः शामिल रहे। उन्होंने कहा कि आरएसएस की मूल विचारधारा हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर आधारित रही है, परंतु बदलते समय में संगठन ने अपनी विचारधारा में आधुनिकता और लचीलापन जोड़ा है। पहले संगठन का दृष्टिकोण केवल सांस्कृतिक राष्ट्रवाद तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब यह सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा जैसे मुद्दों को भी अपने मिशन का हिस्सा बना चुका है। इससे संगठन को व्यापक समाज में स्वीकार्यता मिली है।
रामपुर मंडल में जिला प्रचारक योगेश कुमार मुख्य वक्ता रहे। एडवोकेट एवं समाजसेवी धीरेंद्र जी मुख्य अतिथि रहे। एडवोकेट धीरेंद्र जी ने कहा कि आरएसएस ने समय के साथ स्वयं को केवल एक पारंपरिक संगठन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आधुनिकता, समावेशिता और तकनीकी प्रगति को अपनाते हुए समाज के हर वर्ग तक पहुंचने का प्रयास किया है। पंच परिवर्तनों ने न केवल संगठन की छवि को बदला है, बल्कि इसे 21वीं सदी के भारत में और भी प्रासंगिक और प्रभावशाली बना दिया है।
जैधर मंडल में अंबाला विभाग के विद्यार्थी कार्य प्रमुख श्रीप्रकाश मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि संगठन ने महिलाओं की भूमिका को बढ़ावा देते हुए राष्ट्र सेविका समिति जैसी शाखाओं को मजबूत किया है। महिलाएं अब सामाजिक अभियानों, शिक्षा कार्यक्रमों और नीति-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिससे संगठन का सामाजिक आधार विस्तृत हुआ है।
बहादुरपुर मंडल में प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख भूपेश अरोडा मुख्य वक्ता रहे। जबकि समाजसेवी प्रवीन बटार मुख्य अतिथि रहे। भूपेश अरोडा ने कहा कि आरएसएस ने वर्ष 1925 से लेकर अब तक भारतीय समाज, राजनीति और संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला है। समय के साथ बदलते सामाजिक, राजनीतिक और तकनीकी परिवेश के अनुरूप आरएसएस ने भी अपने कार्यप्रणाली और दृष्टिकोण में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं।