नगर निगम ने सेक्टर 17 व गधौली के सरकारी स्कूल में चलाया प्लास्टिक मुक्त जागरूकता अभियान
एनडी हिन्दुस्तान
यमुनानगर।स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में बेहतर रैंक लाने को लेकर नगर निगम द्वारा विभिन्न गतिविधियां की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को वार्ड नंबर 7 के सेक्टर 17 और वार्ड नंबर 11 के गधौली गांव स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त जागरूकता अभियान चलाया गया। यहां पार्षद प्रतिनिधि राहुल व सफाई दरोगा मोहन लाल ने बच्चों को सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की शपथ दिलाई। यह अभियान नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर चलाया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन और विद्यार्थियों को सिंगल यूज प्लास्टिक एवं प्रतिबंधित पॉलिथीन के दुष्प्रभावों से अवगत कराना रहा।सेक्टर 17 में नगर निगम की टीम ने सफाई निरीक्षक अमित कांबोज के नेतृत्व में डोर-टू-डोर अभियान चलाकर लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक और प्रतिबंधित पॉलिथीन का उपयोग न करने के लिए जागरूक किया। निगम की टीम ने घर-घर जाकर नागरिकों से संवाद किया और उन्हें बताया कि प्लास्टिक का अत्यधिक प्रयोग पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। इस दौरान सफाई निरीक्षक अमित कांबोज ने नागरिकों को कपड़े और जूट के थैले वितरित किए तथा उन्हें दैनिक जीवन में प्लास्टिक की जगह इन पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। सफाई निरीक्षक अमित कांबोज ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक नालियों में फंसकर जलभराव की समस्या पैदा करता है, जिससे बरसात के मौसम में शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके अलावा प्लास्टिक कचरा पशु-पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 को सफल बनाने में नगर निगम का सहयोग करें और प्लास्टिक मुक्त शहर के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।उधर, वार्ड नंबर 11 के गधौली गांव स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां आईईसी एक्सपर्ट दुर्गेश ने विद्यार्थियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक से निकलने वाले सूक्ष्म कण भोजन और पानी के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक से मिट्टी, जल और वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। आईईसी एक्सपर्ट ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं प्लास्टिक का उपयोग न करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि बच्चे समाज के सबसे प्रभावी दूत होते हैं और उनकी छोटी-छोटी आदतें बड़े बदलाव ला सकती हैं। सीएसआई अनिल नैन ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 को ध्यान में रखते हुए आगे भी इस तरह के जागरूकता अभियान विभिन्न वार्डों, कॉलोनियों और शिक्षण संस्थानों में चलाए जाएंगे। निगम का लक्ष्य शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाकर स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर स्थान दिलाना है।फोटो कैप्शन -सेक्टर 17 में डोर टू डोर लोगों को जागरूक करती निगम की टीम।सेक्टर 17 में लोगों को कपड़े के थैले वितरित करते सफाई निरीक्षक अमित कांबोज।गधौली के सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए।