*सीमावर्ती और उच्च–हिमालयी क्षेत्रों में ऊर्जा बैक–अप मजबूत
*सैन्य लॉजिस्टिक्स के साथ-साथ नागरिक जरूरतों को भी समर्थन
*अत्यधिक ठंड में ईंधन गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष डिजाइन
*राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा की रणनीति में अहम कदम
एनडी हिंदुस्तान/प्रवीण कुमार
लद्दाख।उच्च–हिमालयी क्षेत्र में इंडियन आयल कार्पोरेशन द्वारा स्थापित नई बल्क फ्यूल स्टोरेज फैसिलिटी को आधिकारिक रूप सेचालू कर दिया गया है। यह सुविधा भारतीय सेना के सहयोग से विकसित की गई है और इसे अत्यधिक ऊँचाई, दुर्गम भू–भाग औरकठोर जलवायु वाले सीमावर्ती क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और लॉजिस्टिक सपोर्ट को सुदृढ़ करने की दिशा में एक रणनीतिक उपलब्धिमाना जा रहा है।
आईओसी के चेयरमैन अरविंदर सिंह सहने ने कहा कि यह सुविधा उच्च–ऊंचाई और कठिन मौसम वाले इलाकों में ईंधन की निर्बाधआपूर्ति सुनिश्चित करेगी, विशेष रूप से लंबी और कठोर सर्दियों के दौरान जब सड़क संपर्क बाधित हो जाता है। उनके अनुसार यहपरियोजना उन्नत शीतकालीन स्टॉकिंग और अग्रिम क्षेत्रों में संचालन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाएगी।
संयुक्त बयान में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि इस भंडारण सुविधा को चरम भू–भागऔर भयंकर जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विशेष तकनीकी मानकों के साथ इंजीनियर किया गया है, ताकि भंडारण औररसद अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और दीर्घकालिक बन सकें।
यह नया ईंधन डिपो केवल सैन्य आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय नागरिकों के लिए भी ईंधन की उपलब्धतासुनिश्चित होगी। सर्दियों में वाहन संचालन, हीटिंग और आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन की निरंतर आपूर्ति लद्दाख जैसे क्षेत्र मेंजीवन रेखा के समान है।