ग्रामीण श्रमिकों की आय बढ़ाने का नया कानून है जी राम जी योजना : औमप्रकाश धनखड़
हरियाणा में जी राम जी योजना के तहत मिलेगा सबसे अधिक मानदेय : औमप्रकाश धनखड़
जी राम जी योजना की सबसे बड़ी विशेषता है पारदर्शिता और जवाबदेही : औमप्रकाश धनखड़
जी राम जी योजना को लेकर विपक्ष केवल झूठ व भ्रम फैलाकर कर रहा है गुमराह : ओपी धनखड़
मोदी सरकार ने श्रमिकों और किसानों के हित में किए बदलाव: बोले धनखड़
एनडी हिन्दुस्तान
चंडीगढ़। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने गुरुवार को भिवानी स्थित स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए क्रांतिकारी सुधारों और इसके नए स्वरूप जी राम जी योजना पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह नया कानून न केवल ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ाएगा, बल्कि पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करके उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में बदलाव ग्रामीण भारत को विकसित भारत में बदलने के लिए किए गए हैं । जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, ग्रामीण आजीविका, मौसमी आपदाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता पर रखा गया है। मोदी सरकार का प्रयास है कि विकसित भारत में हर ग्रामीण की भूमिका होनी चाहिए।भिवानी पहुंचने पर भाजपा राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ का जिला अध्यक्ष विरेंद्र कौशिक की अगुवाई मेंकार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।भाजपा राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि सरकार ने श्रमिकों और किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा का जिक्र करते हुए कहा कि देश में सबसे अधिक दिहाड़ी हरियाणा दे रहा है, वर्तमान में जी राम जी योजना के तहत देश में सबसे अधिक मानदेय देने वाला राज्य बन गया है। इसके बाद रोजगार के दिन बढऩे से हरियाणा के प्रत्येक श्रमिक को सालाना लगभग 10,000 रुपये की अतिरिक्त आय होगी। नए कानून की सबसे बड़ी विशेषता पारदर्शिता और जवाबदेही है। धनखड़ ने स्पष्ट किया कि जी राम जी योजना के तहत काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर पारिश्रमिक का भुगतान नहीं होता है तो उस राशि पर ब्याज दिया जाएगा। इसके साथ ही अब योजनाओं की निगरानी पीएम गति शक्ति फ्रेमवर्क के माध्यम से होगी, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी। उन्होंने बताया कि कार्यों की जियो-टैगिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से केवल वास्तविक कामगारों को ही लाभ मिलेगा। धनखड़ ने कहा कि किसानों और श्रमिकों की मांग को ध्यान में रखते हुए अब फसल की कटाई और बुआई के समय काम का दबाव नहीं रहेगा। योजना में 60 दिनों के अवकाश का प्रावधान किया गया है, ताकि श्रमिक भाई खेती के समय अपने खेतों या अन्य किसानों के साथ काम कर अपनी अतिरिक्त आय सुनिश्चित कर सकें। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा योजना के नाम बदलने पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए धनखड़ ने कहा कि महात्मा गांधी स्वयं राम भक्त थे और उनके अंतिम शब्द भी हे राम थे। इस योजना का नया स्वरूप विकसित भारत की ओर एक कदम है। विपक्ष केवल झूठ फैलाकर मजदूरों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में पैसे का बंदरबांट होता था, लेकिन अब पारदर्शिता प्रणाली और डिजिटल माध्यमों से पैसा सीधे मजदूर के खाते में पहुंच रहा है। बजट में भी 17 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है ताकि 125 दिनों के रोजगार का लक्ष्य पूरा किया जा सके। धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है, जिसके चलते केंद्र में प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है, जिनका उद्देश्य नागरिकों को लाभ पहुंचाना है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विरेंद्र कौशिक, जिला प्रभारी रेनू डाबला, पूर्व जिला अध्यक्ष शंकर धूपड़, जिला महामंत्री रमेश पचेवाल, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर विक्रम सिंह, मीना परमार, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप प्रजापति, रविंद्र बापोड़ा, जिला मीडिया प्रभारी राकेश मिश्रा, सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।