एनडी हिन्दुस्तान
यमुनानगर। डीएवी शिक्षण संस्थाओं के संस्थापक स्व. श्री जगन्नाथ कपूर जी के जन्मदिवस की 117वीं वर्षगांठ के अवसर पर डीएवी गर्ल्स कालेज में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीएवी स्कूल्स के चेयरमैन विजय कपूर मुख्य अतिथि रहे। सेवानिवृत प्रोफेसर डॉ. आशा कपूर विशिष्ट अतिथि रहीं, जबकि डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी, नई दिल्ली के ऑनरेरी कोषाध्यक्ष डॉ एमसी शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं स्व. जगन्नाथ कपूर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।विजय कपूर ने कहा कि स्व. जगन्नाथ कपूर एक महान आर्य समाजी, शिक्षाविद और दूरदर्शी समाज सुधारक थे। उन्होंने डीएवी शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर यमुनानगर को शिक्षा का हब बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। डीएवी गर्ल्स कॉलेज, डीएवी डेंटल कॉलेज, डीएवी फिजियोथेरेपी कॉलेज तथा अनेक विद्यालय उनकी दूरदृष्टि का परिणाम हैं।उन्होंने कहा कि आज से लगभग 65 वर्ष पूर्व, जब देश में शिक्षा का प्रतिशत मात्र 25 था, उस समय जगन्नाथ कपूर ने नारी शिक्षा को व्यवहारिक रूप से बढ़ावा दिया। उन्होंने शिक्षा के अधिकार की भावना के अनुरूप शरणार्थियों व निर्धन वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर सामाजिक समरसता की मिसाल कायम की।विजय कपूर ने कहा कि हाल ही में अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी को नारी शिक्षा को देश की उन्नति का आधार बताने पर नोबेल पुरस्कार मिला, जबकि जगन्नाथ कपूर ने इस विचार को दशकों पहले धरातल पर उतार दिया था। इसी कारण उन्होंने भारत सरकार से स्व. जगन्नाथ कपूर को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।समाज सुधारक के साथ क्रांतिकारी भी थे जगन्नाथ कपूर :विजय कपूर ने बताया कि उनके पिता स्व. जगन्नाथ कपूर न केवल समाज सुधारक और शिक्षाविद थे, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। विभाजन से पूर्व उनके लाला लाजपत राय, सरदार अजीत सिंह, सरदार किशन सिंह, शहीद भगत सिंह, महात्मा हंसराज, भाई परमानंद और गोपी चंद भार्गव जैसे महान नेताओं से घनिष्ठ संबंध थे। साइमन कमीशन के विरोध के दौरान उन्होंने लाला लाजपत राय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में भाग लिया।डॉ. एम.सी. शर्मा ने भी स्व. जगन्नाथ कपूर को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि नारी शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सदियों तक स्मरणीय रहेगा।डीएवी गर्ल्स कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. सुरिंद्र कौर ने कहा कि जटिल सामाजिक परिस्थितियों में शिक्षा के अधिकार के लिए जगन्नाथ कपूर का संघर्ष प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जिस समर्पण भाव से वे समाज सेवा में लगे रहे, उसी परंपरा को उनके सुपुत्र विजय कपूर आगे बढ़ा रहे हैं।डॉ. किरण शर्मा ने कहा कि स्व. जगन्नाथ कपूर का जीवन समाज सेवा की जीवंत मिसाल है और हमें उनके पदचिन्हों का अनुसरण करना चाहिए।कार्यक्रम में मंच संचालन एनसीसी इंचार्ज मेजर गीता शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. हिमांशु सहित कॉलेज के शिक्षण एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे।