एनडी हिन्दुस्तान
रोहतक। जिला के मायना गांव की बेटी आशिता चौधरी पंघाल ने क्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। वर्तमान में ब्रिटेन में बीएससी कंप्यूटर साइंस की शिक्षा प्राप्त कर रही आशिता का चयन उनकी यूनिवर्सिटी द्वारा ईस्टर अवकाश के दौरान आयोजित एक सप्ताह की अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के लिए किया गया है, जो यूरोप के देश डेनमार्क के ऐतिहासिक कोल्डिंगहुस म्यूज़ियम में आयोजित होगी।कोल्डिंगहुस 13वीं शताब्दी में निर्मित एक ऐतिहासिक किला है, जो समय के साथ राजमहल और अब एक प्रतिष्ठित म्यूज़ियम के रूप में विकसित हो चुका है। यह स्थल अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ आधुनिक वास्तुकला और शोध गतिविधियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक स्थलों को दिव्यांगजन के लिए अधिक सुलभ बनाना है। इसमें विभिन्न देशों के छात्र भाग लेकर यह अध्ययन करेंगे कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर ऐसे स्थानों को सभी के लिए सहज और अनुकूल बनाया जा सकता है।आशिता इस कार्यशाला में चुनिंदा छात्रों के समूह के साथ मिलकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान जैसे स्मार्ट नेविगेशन, असिस्टिव टेक्नोलॉजी और समावेशी डिजाइन को शामिल किया जाएगा ताकि दिव्यांग व्यक्तियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आशिता आगामी 22 मार्च को लंदन से इस कार्यशाला के लिए रवाना होंगी तथा 27 मार्च को वापस लौटेंगी।आशिता के पिता अधिवक्ता राजनारायण पंघाल, जो जिला बार रोहतक के सदस्य हैं, तथा माता रीना ग्रेवाल, जो स्थानीय गवर्नमेंट कॉलेज में फिजिक्स की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, ने इसे परिवार एवं क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल आशिता के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में समावेशी सोच और तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा देगा। परिवार और क्षेत्र के लिए यह अत्यंत गौरव की बात है कि मायना की बेटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, तकनीक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का हिस्सा बन रही है।