केयू आईआईएचएस में बीए संस्कृत ऑनर्स कार्यक्रम में प्रवेश प्रारम्भ, अंतिम तिथि 21 जून
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं है। यह भारत की आत्मा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार है। विश्व भर में भारत की पहचान संस्कृत के कारण है। वेद, दर्शन, उपनिषद, गीता रामायण महाभारत का सारा साहित्य संस्कृत नहीं लिखा गया है। वर्तमान समय में भी संस्कृत का अध्ययन करके किसी भी सरकारी एवं प्राइवेट क्षेत्र के जॉब को प्राप्त किया जा सकता है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आईआईएचएस) के संस्कृत विभाग द्वारा संचालित बैचलर ऑफ आर्ट्स विद सिंगल मेजर (स्कीम-सी) में संस्कृत ऑनर्स कार्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। केयूआईआईएचएस प्राचार्या प्रो. रीटा दलाल ने बताया कि इस प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम में वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए 20 सीटें उपलब्ध हैं तथा प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि 21 जून निर्धारित है।संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. रामचन्द्र ने बताया कि संस्कृत विभाग के सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किये गये हैं। ऑनर्स के इस चार वर्षीय ऑनर्स कार्यक्रम के द्वारा विद्यार्थियों को संस्कृत के वेद, दर्शन, उपनिषद, रामायण एवं महाभारत आदि की विषय वस्तु से परिचित कराया जाएगा वहीं युगानुकूल संस्कृत में लेखन, भाषण एवं अन्य व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समग्र विकास का भी प्रयास किया जाएगा।यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार, उद्यमिता और उच्च शिक्षा के लिए भी सक्षम बनाता है।डॉ. रामचन्द्र ने बताया कि इसके साथ-साथ बी.ए. सामान्य में भी संस्कृत की 70 सीटें हैं। इसका पाठ्यक्रम भी सरल एवं बहुत प्रभावी है। नया विद्यार्थी भी संस्कृत को आसानी से पढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त एईसी, एमडीसी एवं माइनर में भी संस्कृत विषय का चयन अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इनमें संस्कृत का पाठ्यक्रम इस प्रकार से बनाया गया है कि कोई भी विद्यार्थी आसानी से नही पढ़ सकता है। संस्कृत का ज्ञान व्यक्ति को समग्र विकास प्रदान करता है। डॉ. रामचन्द्र ने कहा कि आज के समय में संस्कृत की मांग देश एवं विदेश में बहुत तेजी से के साथ बढ़ रही है। संस्कृत पढ़ने के बाद विद्यालयों में शिक्षक तथा कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर लगने के रास्ते खुल जाते हैं। आज के समय में मीडिया में भी संस्कृतकी मांग बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, धर्मगुरु ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, आईआईटी,सरकारी विभाग तथा निजी क्षेत्र में संस्कृत विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में संस्कृत ऑनर्स एवं बीए सामान्य में संस्कृत का चयन विद्यार्थियों के लिए करियर निर्माण का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। संस्कृत विभाग के विद्यार्थियों ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में भी सर्वाेच्च स्थान प्राप्त करके अपना नाम कमाया है। आईआईएचएस का संस्कृत विभाग अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा विद्यार्थियों की उपलब्धियों के लिए विशेष पहचान रखता है। इच्छुक अभ्यर्थी आईआईएचएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।