कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर अंत्योदय फाउंडेशन की नई पहल
करनाल के दो गांवों में किया कौशल विकास केंद्रों का शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया उद्घाटन काछवा में सिलाई और बड़ागांव में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र शुरू
एनडी हिन्दुस्तान
करनाल। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को करनाल लोकसभा क्षेत्र के दो गांवों में कौशल विकास केंद्रों का उद्घाटन किया। इस पहल के तहत अंत्योदय फाउंडेशन द्वारा गांव काछवा में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र और बड़ा गांव में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं एवं महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2010 में स्थापित इस फाउंडेशन का एकमात्र उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की मदद करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हर गरीब को घर, बिजली, पानी, राशन और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं दे रही है, लेकिन परिवारों की स्थाई आमदनी बढ़ाने के लिए कौशल विकास बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन द्वारा कराए गए एक विशेष सर्वे के आधार पर 1000 से अधिक ऐसे युवाओं व युवतियों को चिन्हित किया गया है जिन्हें हुनर और रोजगार की सख्त जरूरत है। इसी दिशा में पहले चरण में 15 अलग-अलग गांवों में केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। इसके बाद आगे और विस्तार किया जाएगा।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिन गांवों में केंद्र खोले जा रहे हैं, वहां स्थानीय स्तर पर देखरेख के लिए 5-5 सदस्यों की कमेटी बनाई जाती है। इस कमेटी को अब पाञ्चजन्य समिति के नाम से जाना जाएगा। काछवा में यह समिति केंद्र के संचालन और आने वाली कठिनाइयों को दूर करने का जिम्मा संभालेगी। उन्होंने कहा कि आज मिशन मेरिट पर गरीब से गरीब परिवार के योग्य बच्चे का भी बिना किसी सिफारिश के सरकारी नौकरी मिल रही है। इसी तर्ज पर अंत्योदय फाउंडेशन भी घर-घर जाकर वास्तविक जरूरतमंदों को ढूंढ रहा है। इसी पारदर्शिता के चलते फाउंडेशन द्वारा उन बेटियों को 500 से अधिक साइकिल वितरित की जा चुकी हैं, जिन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़ता है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और बेटियों में शहरों की तर्ज पर ब्यूटी पार्लर, आधुनिक सैलून और कंप्यूटर कोर्सेज की भारी मांग है। इन केंद्रों में मांग के अनुरूप ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। काछवा केंद्र में दो पारियों (शिफ्टों) में 60 बेटियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिन्हें सिखाने के लिए कुशल प्रशिक्षक तैनात किए गए हैं।इस मौके पर विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि अंत्योदय फाउंडेशन बिना किसी राजनीतिक दिखावे के समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अवसर पहुंचा रहा है। सिलाई से हुनर तक, सपनों की सलाई… यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि हमारी बेटियों को अपने सपनों को बुनने और अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला देने का जरिया हैं। उन्होंने कहा कि गांवों की बेटियों का उत्थान करना, उन्हें पढ़ाई के लिए साइकिल देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री और फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर विधायक जगमोहन आनंद, डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा, एसपी नरेंद्र बिजराणिया, सांसद प्रतिनिधि कविंदर राणा, अंत्योदय फाउंडेशन की ट्रस्टी ऐषणा कल्याण, गजेंद्र सलूजा, स्थानीय सरपंच सुशीला देवी, सरपंच प्रतिनिधि दीपक, पांचजन्य समिति के सदस्य सुरेश, बिट्टू, दीपक, जोगिंदर व मदन लाल सहित ग्रामीण व प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बेटियां उपस्थित रहीं।