Home Kurukshetra News “नेतृत्व भरोसे से जन्म लेता है”: IIM रोहतक में दिल्ली के उपराज्यपाल नेभविष्य के मैनेजर्स को दिया सफलता का मंत्र

“नेतृत्व भरोसे से जन्म लेता है”: IIM रोहतक में दिल्ली के उपराज्यपाल नेभविष्य के मैनेजर्स को दिया सफलता का मंत्र

by ND HINDUSTAN
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PGP-17 बैच के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में बोले- AI का जिम्मेदारी से करें इस्तेमाल

विकसित भारत-2047 के निर्माण में निभाएं अहम भूमिका

एनडी हिन्दुस्तान

रोहतक। नई दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू (IFS, सेवानिवृत्त) नेकहा कि “सच्चा नेतृत्व अधिकार से नहीं, बल्कि विश्वास (Trust) से पैदाहोता है।” उन्होंने भविष्य के प्रबंधकों से आह्वान किया कि वे सही निर्णयक्षमता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ नेतृत्व करें।वे भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रोहतक में आयोजित PGP-17 बैच के इंडक्शनएवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस वर्ष PGP-17बैच में देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से छात्र पहुंचेहैं। खास बात यह रही कि बैच में करीब 50 प्रतिशत छात्राएं हैं, जोसंस्थान में विविधता और समान भागीदारी को दर्शाता है।

AI का जिम्मेदारी से उपयोग करें, विकसित भारत में दें योगदान

उपराज्यपाल ने कहा कि आज प्रबंधन शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौरमें छात्रों को नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा।उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन का उल्लेख करते हुएकहा कि युवाओं को AI का जिम्मेदारी के साथ उपयोग, वैश्विक सर्वोत्तमप्रथाओं को अपनाने और भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने में अपनी भूमिका निभानीचाहिए।उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। यदि युवाओंको सही कौशल और प्रशिक्षण मिले तो भारत दुनिया में सबसे मजबूतअर्थव्यवस्था बन सकता है।

“मैनेजमेंट अब केवल मुनाफे तक सीमित नहीं”

संधू ने कहा कि आज मैनेजमेंट केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग या उत्पादकताबढ़ाने तक सीमित नहीं है। अब नेतृत्व का मतलब ऐसे निर्णय लेना है, जहांसतत विकास (Sustainability) और लाभ (Profitability) के बीच संतुलन बनानापड़े।उन्होंने कहा कि सही निर्णय लेने की क्षमता अलग-अलग विचारों और अनुभवोंसे विकसित होती है। किसी भी संस्थान की असली ताकत इस बात में होती है किवह छात्रों की सोच को किस प्रकार विकसित करता है।

“लोकल समस्याओं से शुरुआत करें

छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे परंपरागत सोच से बाहरनिकलें और नए विचारों को जमीन पर उतारने का साहस करें।उन्होंने कहा, “सबसे पहले अपने आसपास की समस्याओं का समाधान खोजिए।छोटे-छोटे समाधान ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं। IIM के छात्र होने केनाते समाज और देश के प्रति आपकी अतिरिक्त जिम्मेदारी है।”IIM केवल अवसर देता है, सफलता आपकी मेहनत तय करेगीIIM रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने नए छात्रों और उनके परिवारों कास्वागत करते हुए कहा कि संस्थान केवल अवसर प्रदान करता है, लेकिन उनअवसरों का लाभ उठाना छात्रों की जिम्मेदारी है।

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