Home haryana हरियाणा की गौशालाओं को बनायेंगें स्वावलंबी -गर्ग

हरियाणा की गौशालाओं को बनायेंगें स्वावलंबी -गर्ग

by ND HINDUSTAN
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न्यूज डेक्स संवाददाता

पंचकूला। हरियाणा  गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण  कुमार गर्ग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल  द्वारा हरियाणा की सभी पंजीकृत गोशालाओ  के लिए दो रूपए प्रति यूनिट बिजली की सप्लाई देने का नोटिफिकेशन जारी करने का मुख्यमंत्री मनोहर लाल और बिजली मंत्री रंजीत सिंह का धन्यवाद किया। गर्ग ने बताया कि आयोग का मकसद गौमाता की सेवा है, बिजली यूनिट दो रूपए करने से जो भी बचत होगी वो राशि हरियाणा गो सेवा आयोग गोवंश के चारे में खर्च करेगा। 

हरियणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ये ड्रीम प्रोजेक्ट है वो इसकी खुद मॉनिटरिंग कर रहे है। गौसेवा आयोग का गठन वर्ष 2013 में किया गया था लेकिन 2015 में आयोग का कार्य सक्रिय रूप से शुरू हुआ था। मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री बनते ही गाय की हत्या व तस्करी पर रोक लगाई और गौकशी को लेकर देश का सबसे सख्त कानून बनाया। वहीं सरकार ने गौवंश की दशा सुधारने के लिए योजनाएं बनाई। इन्ही योजनाओं को अमलीजामा पहनाते हुए गोवंश के रखरखाव, चारे, पानी, शेड निर्माण व मशीनरी इत्यादि के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए की सहायता राशि गौशालाओं को प्रदान की जा चुकी है।

गौसेवा आयोग के सक्रिय भूमिका में आने के समय प्रदेश में गौशालाओं की संख्या 325 गौशाला में थी जो आज बढकर करीब 650 हो चुकी है। सरकार की गौवंश के प्रति संजीदगी का ही परिणाम है कि प्रदेश की गौशालाओं में गौवंश पौने तीन लाख से बढकर साडे चार लाख हो चुका है। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी के कुशल मार्गदर्शन में गोवंश की दशा सुधारने और सडकों से बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रयस्थलों में पहुंचाने की दिशा में गौसेवा आयोग निरंतर कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने अगस्त 2020 में गर्ग को आयोग का अध्यक्ष बनाया था। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की सलाह के अनुसार लगातार सभी गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौशालाओं को आधुनिक बनाने के लिए उनमें सोलर प्लांट व बायोगैस प्लांट आदि स्थापित कराने का कार्य तेजी से चल रहा है। गौशालाओं के स्वावलंबन को लेकर उनमें गौ उत्पाद तैयार करने पर विशेष तौर पर बल दिया जा रहा है। इन्ही प्रयासों का परिणाम रहा कि इस बार दीपावली व गीता जयंती पर देसी गाय के गोबर से बने दीपकों द्वारा प्रदेश को रोशन किया गया। लक्ष्मी-गणेश व शुभ-लाभ आदि भी इस दीपावली पर आकर्षण का केंद्र रहे।

इसके अलावा गौशालाओं में देशी गोवंश नस्ल सुधार का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। हरियाणा सरकार ने देशी गोवंश नस्ल सुधार के लिए फीमेल सेक्स शॉर्टेड सीमन भी उपयोग के लिए पशुपालन विभाग में उपलब्ध करवाया है और इसकी कीमत मात्र 200 रूपए रखी गई है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने एक हजार रूपए की विशेष सब्सिडी भी प्रदान की है। इस सीमन के उपयोग से लगभग 85 – 90 प्रतिशत बछडियां ही पैदा होंगी। यह बछड़ी जब गाय बनेगी तो करीब 8 से 10 किलो दूध देगी और दूध की आमदनी से गौशालाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ होंगी। व गोपाल के घर मे गौ माता को पुनः स्थान मिलेगा  
गर्ग ने  कहा लोगो से अनुरोध करते हुए कहा कि अगर हम सब गाय को अपने घरों में नहीं रख सकते हैं तो गौशालाओं में कम से कम एक गाय का खर्च प्रतिवर्ष वहन करके गाय गोद ले सकते हैं।

घर में जितने भी सदस्य हैं सामर्थ्य अनुसार प्रति व्यक्ति रुपए प्रत्येक दिन गाय के नाम के निकाल सकते हैं। जब भी यह राशि एकत्रित हो जाए तो अपने बच्चों के साथ अपनी नजदीकी किसी भी गौशाला में जाकर चारा आदि खिला सकते हैं। एक तरफ तो पूरा परिवार जहां पुण्य का भागी बनेगा वहीं बच्चों को भी बचपन से ही गौमाता के प्रति जुड़ाव व संस्कार प्राप्त होंगे। शास्त्रों में कहा गया है कि गाय की सेवा से घर के सभी संकट मिट जाते हैं तथा सभी देवी-देवताओं की सेवा करने का पुण्य लाभ प्राप्त होता  है। अब समय है कि सिर्फ गाय माता की जय बोलने से काम नहीं चलेगा, सभी को अपना-अपना अंशदान किसी ना किसी रूप में गौमाता  को प्रदान करना चाहिए।

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