बोले : सरकार का कोई भी हथकंडा किसानों का मनोबल नहीं तोड़ सका
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांगे्रसी नेता अशोक अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल सत्ता के नशे में चूर होकर देश के अन्नदाता और प्रदेश की जनता को चुनौती देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है। मुख्यमंत्री का घमंड में आकर यह कहना कि हमारे संयम को कमजोरी न समझा जाए। यह दर्शाता है कि मनोहर लाल या तो प्रदेश की जनता को चुनौती दे रहे हैं या मुख्यमंत्री बताएं कि वे ये शब्द कहकर उस किसान को चुनौती देने का काम कर रहे हैं, जिसका एक बेटा सीमा पर देश की रक्षा करता है और दूसरा बेटा खेत में हल चलाकर देश की जनता का पेट पाल रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों पर लाठियां भांज कर देख ली, वाटर कैनन का प्रयोग भी कर लिया, आंसू गैस के गोले भी छोड़ लिए, सडक़ों पर खड्डे खोदकर रास्ता रोक कर भी देख लिया। इतना ही नहीं किसानों पर हत्या के प्रयास जैसे संगीन मुकद्दमे भी बनाकर देख लिए, लेकिन सरकार किसानों का मनोबल नहीं तोड़ सकी। अब तो केवल किसानों पर गोली चलाना बाकी रह गया है। उन्होंने कहा कि किसान तीनों काले कानून रद्द करवाए बिना अपने घर वापिस जाने वाला नहीं है।
अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री यह बयान देकर सत्ता के नशे में चूर हो चुके हैं। पिछले लगभग 4 महीने होने को हैं, किसान अपनी भूमि बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पहले कडक़ती ठंड में किसान, महिलाएं और बच्चे सडक़ों पर बैठकर आंदोलन करते रहे। सर्दी और बरसात की परवाह नहीं की। लेकिन सरकार राज हठ किए हुए है। सरकार को राज हठ छोडक़र किसानों की मांगें स्वीकार करनी चाहिये। 250 से अधिक किसान आंदोलन में शहीद हो गए। महिलाएं और बच्चे सडक़ों पर पड़े हैं। मुख्यमंत्री ने आजतक उनके लिए संवेदनाएं व्यक्त नहीं की।
अरोड़ा ने कहा कि किसानों के आंदोलन के समर्थन में कांगे्रस के विधानसभा में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से उन विधायकों और पार्टियों की पोल खुल गई है जो किसान हितैषी होने का दम भरते थे। किसानों के आंदोलन का समर्थन करने का दावा करने वाले विधायक और पार्टी सरकार के पक्ष में खड़े नजर आए। इस अविश्वास प्रस्ताव से दोहरे चरित्र के लोगों का चेहरा बेनकाब हो गया है। प्रदेश की जनता किसान विरोधी नेताओं को कड़ा सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि आज हालात ये हैं कि जजपा और भाजपा के विधायक घरों में छुपे बैठे हैं, उनमें हिम्मत नहीं है कि जनता के बीच जाकर अपनी बात रख सकें। आज प्रदेश की जनता भाजपा और जजपा नेताओं का असली चेहरा पहचान चुकी है।