टेरी कुरुक्षेत्र के छात्र ने आईआईटी मद्रास में साढ़े पांच लाख के पैकेज पर नौकरी हासिल की
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। नई पहल के माध्यम से नवोदित इंजीनियरों को रोजगार प्रदान कराना हमेशा टेरी संस्थान कुरुक्षेत्र की प्राथमिकताओं का हिस्सा रहा है, और अपने प्रयासों का इतना बड़ा पुरस्कार प्राप्त करना कि एक छात्र आईआईटी मद्रास जैसी राष्ट्रीय संस्था में नौकरी प्राप्त कर ले, वास्तव में गौरवान्वित करने वाली अनुभूति है । हर्ष और उल्लास से भरे हुए, टेरी के निदेशक डॉ. सागर गुलाटी विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि टेरी संस्थान, वर्ष 2016 में आईआईटी मद्रास के साथ एनपीटीईएल के साथ स्थानीय अध्याय के रूप में जुड़ने में सफल हुआ था, और वर्ष 2018 में सक्रिय स्थानीय अध्याय के लिए योग्य हो गया था, और तब से संस्थान अपने छात्रों को निरंतर रूप से इन ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में नामांकित करा कर भारत सरकार की इस योजना का लाभ संस्थान के छात्रों तक पहुंचा रहा है ।
टेरी की एनपीटीईएल समन्वयक पारुल चुटानी ने बताया कि इस नौकरी के लिए आईआईटी मद्रास ने देश भर के उन छात्रोंको ईमेल भेजी थी, जो आईआईटी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में देश भर में पहले पांच प्रतिशत में आते हैं, अभिषेक इन्ही विद्यार्थियों में एक है । उन्होंने आगे बताया कि स्क्रीनिंग प्रक्रिया एक ऑनलाइन तकनीकी साक्षात्कार थी जो लगभग 2 घंटे तक चली, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी और प्रोग्रामिंग कौशल पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया । उन्होंने आगे बताया कि साक्षात्कार प्रक्रिया को उत्तीर्ण करके अभिषेक प्रोजेक्ट एसोसिएट के रूप में आईआईटी मद्रास में पाठ्यक्रम विकासटीम में शामिल होंगे और उनका वार्षिक पैकेज 5.5 लाख प्रति वर्ष होगा।
इस अवसर पर अभिषेक प्रफुल्लित दिखे और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने सभी अध्यापकों को दिया, अभिषेक नेविशेष धन्यवाद संस्थान के मुख्य सलाहकार डॉ. एम पी गुप्ता को दिया जिनके मार्गदर्शन में वर्ष 2016 में टेरी संस्थान ने इस अभियान को प्रारंभ किया था । उन्होंने याद किया कि कैसे कॉलेज के अध्यापक नेप्टेल पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए छात्रोंको प्रेरित और यहां तक कि बाध्य भी करते थे । इतना ही नही, संस्थान ने नेप्टेल कोर्सेज के लिए समय सारणी में भी इनकोर्सेज को सम्मिलित कर लिया था, और नियमित असाइनमेंट के लिए छात्रों को नियमित रूप से तैयार किया गया ।अभिषेक ने बताया कि कभी उसने सोच नहीं था कि इस निरंतरता का परिणाम उसे आईआईटी में नौकरी के रूप में मिलेगा ।वह खुश था और उसने कहा कि यह एक सपने के सच होने जैसा है।
आदित्य गुप्ता, सचिव टेरी ने जानकारी दी कि युवक ने 2017 में दिल्ली से आकर संस्थान में एडमिशन लिया था, और इसविशिष्ट उपलब्धि पर उन्होंने भी अपने गर्व और खुशी को साझा किया। आदित्य गुप्ता ने यह भी बताया कि यह टेरी का तीसरा छात्र है जो आईआईटी में पहुंचा है, इससे पहले कपिल दुहन और नीतू जिंदल भी टेरी से आईआईटी की जर्नी कर चुके हैं; कपिल इस समय फेसबुक लंदन में काम कर रहे हैं, जबकि नीतू चेन्नई में इंटेल कंपनी के साथ हैं।