हिसार में किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में राज्यपाल के नाम सौंपा कांग्रेसियों ने ज्ञापन
बर्बरता से किसानों,बुजुर्गों और महिलाओं पर लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई : मेवा सिंह
विवाह और अंतिम संस्कार में 11-11 लोगों की अनुमति और सीएम के कार्यक्रमों में सैंकड़ों लोग
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा तथा लाडवा के विधायक मेवा सिंह ने मंगलवार को कांग्रेसी नेताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर मांग की है कि हिसार में किसानों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करने वालों तथा कोविड के नियमों की उल्लंघना करने व धारा-144 तोडऩे के मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। नगराधीश निशा यादव को ज्ञापन सौंपते समय प्रदेश महासचिव पवन गर्ग,प्रदेश संगठन सचिव सुभाष पाली, कांग्रेस के पूर्व ब्लाक प्रधान मेहर सिंह रामगढ़,सुरेश युनिसपुर,ओमप्रकाश हथीरा,डा.जीत सिंह शेर,सुभाष मिर्जापुर,भीम मलिक और नवनीत नरवाल भी उपस्थित थे।
अशोक अरोड़ा और मेवा सिंह ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के बीच सरकार ने पूरे प्रदेश में लाकडाउन तथा धारा-144 लगाई हुई है,लेकिन सरकार के मुखिया और सरकार के अन्य मंत्रियों ने एक अस्थाई कोविड अस्पताल के उद्घाटन के नाम पर हिसार में लाव लश्कर के साथ जाकर कानून की धज्जियां उड़ाई। इन सबके खिलाफ वही कार्रवाई होनी चाहिए,जो कानून तोडऩे पर एक आम आदमी के खिलाफ की जा रही है। उन्होंने कहाकि निहत्थे शांतिपूर्वक विरोध कर रहे किसानों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया,बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया।लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग कांग्रेस के दोनों नेताओं ने की।
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के बीच हरियाणा के अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं ना होने के कारण मरीज तड़प तड़प क दम तोड़ रहे हैं। जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी हो रही है। प्रदेश के मुखिया लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बजाए उद्घाटन समारोह आयोजित कराने में लगे हुए हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं,जिस समय रहते सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। पहले तो मुख्यमंत्री समय की कमी के कारण आनलाइन कार्यक्रमों में भाग लेते रहे और अब जब पूरे देश में कोरोना से हालात बद से बदतर हो रहे हैं,तब उन हालातों में मुख्यमंत्री केंद्र सरकार द्वारा जारी एडवायरी की धज्जियां उड़ाते हुए सार्वजनिक उद्घघाटन समारोह में शिरकत करते हैं।
उन्होंने कहा कि पहले तो कोरोना फैलने के लिए सरकार ने तब्लीगी जमात व नांदेड़ गए सिख श्रद्धालुओं को दोषी ठहराया था और अब कोरोना महामारी फैलने का ठीकरा किसानों के सिर पर फोड़ा जा रहा है,जबकि असलियत यह है कि हरियाणा में तो गठबंधन सरकार के नेता कोरोना फैलाने में लगे हुए हैं।
अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार मंगलवार को पूरे प्रदेश में जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बात की घोर निंदा करती है कि आम नागरिकों को विवाह और अंतिम संस्कार जैसे मौकों पर जहां 11-11 लोगों से ज्यादा होने पर जुर्माने और प्रताडऩा झेलना पड़ती है,लेकिन सरकार में जिम्मेदार पदों पर बैठे मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य लोग इन नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।