Home haryana कामेश हत्याकांड के आरोपियों पर कड़ी कार्यवाई हो : डॉ. अशोक तंवर

कामेश हत्याकांड के आरोपियों पर कड़ी कार्यवाई हो : डॉ. अशोक तंवर

by ND HINDUSTAN
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अपना भारत मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अशोक तंवर ने की पत्रकार वार्ता-बोले, शासन

-प्रशासन द्वारा अपराधियों को संरक्षण देने से बिगड़ेंगे हालत

-सरकार की हठधर्मिता से शहीद हुए 600 से ज्यादा किसान

-कोरोना महामारी को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया

-भ्रष्ट अधिकारियों को सरकार दे रही है संरक्षण व नियुक्तियां

न्यूज डेक्स संवाददाता

रोहतक। अपना भारत मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने आज रोहतक पहुंचकर दिनदहाड़े मारे गये कामेश के परिजनों को सांत्वना दी तथा बाद में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन कर इस मामले के आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की। डॉ. अशोक तंवर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कामेश हत्याकांड के आरोपियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिये। मुझे पीडि़त पक्ष के लोगों ने बताया कि इस हत्याकांड में विधायक बी.बी. बत्तरा का ड्राईवर भी शामिल है। जिसको बचाने के लिए जांच में हस्तक्षेप किया जा रहा है।

डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह खराब हालत में है। 24 साल के वाल्मीकि समाज के युवक को सरेआम दिन-दहाड़े मार दिया जाता है और प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा अपराधियों को संरक्षण देने से हालात बिगड़ेंगे। यह चिंता का विषय है और सबकी जिम्मेदारी बनती है कि कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त रखा जाये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 600 दिनों का लेखा-जोखा दिया लेकिन वो प्रदेश की जनता के 6 सवालों के उत्तर देने में अक्षम हैं।

उन्होंने कहा कि इन्होंने किसान के दर्द व मर्म को नहीं समझा। प्रदेश में किसानों की हालत दयनीय है, यह सभी को पता है और कब तक ऐसा चलता रहेगा कि किसान आंदोलन में 600 से ज्यादा किसान शहीद हुए। वो सब सरकार की हठधर्मिता की भेंट चढ़े हैं। वहीं आंदोलन की वजह से पूरा उद्योग जगत प्रभावित है। दो बॉर्डर कम्पलीट सील हैं, जिससे हर रोज हजारों करोड़ रूपयों का नुक्सान हो रहा है। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बार-बार मिलते हैं तो क्या पिछले 7 महीने के अंदर वे अपने आकाओं को संतुष्ट नहीं कर पाये।

डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि कोरोना महामारी को सरकार ने गंभीरता के साथ क्यों नहीं लिया ? केंद्र की सरकार तो अपना काम कर रही है, उनसे पूरा देश पूछेगा। लेकिन हरियाणा के अंदर कितने बुरे हालात रहे यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि केरल जैसा प्रदेश अपनी ऑक्सीजन कैपेसिटी को बढ़ा सकता है, स्वास्थ्य सेवाअेां को बढ़ाकर चुनौतियों को दूर कर सकता है तो हरियाणा में ऐसा क्यों नहीं किया गया?

कोरोना महामारी में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिलना, दवाईयां नहीं मिलना और लोगों का मर जाना क्रूरता की मिसाल है। कोरोना के प्रति अभी भी जिस गंभीरता से यह लड़ाई होनी चाहिये वो सरकार की दिखती नहीं। भाजपा सरकार ने कुछ टैंपरेरी हॉस्पिटल बनाये थे लेकिन उद्घाटन के तुरन्त बाद वहां से बैड व वैंटीलेटर गायब हो गये। पूरी दुनिया कह रही है कि वैक्सीन जल्दी-जल्दी लगाओ ताकि लोगों की जान बच सके और मुख्यमंत्री ज्ञान बांट रहे हैं कि धीरे-धीरे लगाओ ताकि स्टॉक में कोई दिक्कत ना हो। 

उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ोतरी से जनता पर महंगाई की मार बढ़ेगी। भाजपा नेताओं के पुराने वीडियो उठाकर देख लो ये खुद कहते थे कि पेट्रोल-डीजल के दाम से जनता को मुक्त करवायेंगे लेकिन अब दाम घटाने के लिए खुद कुछ नहीं कर रहे हैं। पेट्रोलियम के दामों में पिछले समय में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है। कब ये पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे इसका किसी को नहीं पता। पहले अन्तर्राष्ट्रीय बाजार का हवाला देते थे और अब देश की जनता को टैक्सों के नाम पर लूट रहे हैं।

कोरोना काल में पाकिस्तान जैसे देश भी अपने नागरिकों को सुविधा देने के लिए पेट्रोल सस्ता दे रहे हैं और यहां टैक्स पर टैक्स बढ़ाकर महंगाई के रिकार्ड बनाये जा रहे हैं। हरियाणा सरकार को वैट टैक्स घटना चाहिये ताकि लोगों को फायदा मिल सके। डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि मौजूदा वक्त में बेरोजगारी अपने चरम पर है। इसको रोकने के लिए सरकार कोई काम नहीं कर रही है। हरियाणा में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से रूकी हुई है जिससे युवाओं में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण व नियुक्तियां दे रही है। जिससे प्रदेश के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। जमीन घोटाले में सीबीआई द्वारा चार्जशीट अधिकारी टी.सी. गुप्ता को राईट टू सर्विस कमीशन में नियुक्ति देने से पता चलता है कि विपक्ष और सरकार मिलकर भ्रष्टाचार करने वाले लोगों को ईनाम दे रही है क्योंकि वो खुद उसमें लिप्त हैं।

हाईकोर्ट को इस मामले में संज्ञान लेकर नियुक्ति को रोकना चाहिये। पत्रकार वार्ता के बाद वे वकील नरेंद्र कौशिक, वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा व सोमनाथ शर्मा के घर श्रद्धांजली अर्पित करने गये।  इस दौरान उनके साथ मुख्य रूप से बिमल मिनोचा, श्याम सिलाना, अमित मदान, महेन्द्र बागड़ी, महेश शर्मा, रणबीर कलसन, नवीन मेहरा, मंजीत मोखरा आदि मौजूद रहे।

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