प्राइवेट व दूरवर्ती पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को मिला एक-एक पेज अपलोड करने का मौका
इंटरनेट कनेक्टिविटी कम होने की वजह से आ रही थी समस्याएं
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 25 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा-1 के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि 22 जुलाई से चल रही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्राइवेट व दूरवर्ती पाठ्यक्रमों की वार्षिक परीक्षाओं में उत्तर-पुस्तिका अपलोड करने के लिए विद्यार्थियों को एक अतिरिक्त विकल्प प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा द्वारा परीक्षा स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर इस बार भी केयू की वार्षिक परीक्षाएं ब्लैंडिड (ऑनलाईन/ऑफलाइन) मोड में आयोजित की जा रही हैं जो परीक्षार्थी ऑनलाईन मोड में परीक्षा दे रहे हैं, उनके लिए केयू ने विद्यार्थियों के हित में कदम उठाते हुए एक नया विकल्प प्रदान किया है।
जुलाई/अगस्त 2021 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए ऑनलाईन मोड के माध्यम से उपस्थित होने वाले विद्यार्थियों द्वारा इंटरनैट कनैक्टिविटी कम होने के कारण उत्तर-पुस्तिकाओं को अपलोड करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिसके तहत अब विद्यार्थी अपनी उत्तर-पुस्तिका को एक-एक पेज करके भी अपलोड कर सकते हैं। जैसे यदि उत्तर-पुस्तिका में 36 पृष्ठ हैं तो 36 पेजों की अलग-अलग तस्वीरें खींची जाएगी और पोर्टल पर अलग से अपलोड की जाएगी। प्रत्येक पृष्ठ की छवि अपलोड करते समय मोबाइल के रियर कैमरे के माध्यम से कैप्चर होगी जबकि इससे पूर्व विद्यार्थियों को 3 घंटे में उत्तर-पुस्तिका लिखने उपरांत अधिकतम 36 पेज की पूरी फाइल अपलोड करने की अनुमति थी लेकिन खराब नैटवर्क और बड़े आकार की फाइल साइज होने के कारण वे अपनी पूरी उत्तर-पुस्तिका निर्धारित समय में सफल रूप से अपलोड नहीं कर पाते थे।
डॉ. हुक्म सिंह ने बताया कि उत्तर-पुस्तिका की एक-एक पेज को जेपीजी फॉर्मेट में अपलोड करने में विद्यार्थियों के समय की भी बचत होगी, साथ ही कम इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी समस्या से भी उन्हें नहीं जूझना पडे़ेगा। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में अच्छी इंटरनेट स्पीड व कनेक्टिविटी है, वहां विद्यार्थी पहले की तरह अपनी उत्तर-पुस्तिका की एक ही पीडीएफ फाइल बनाकर अपलोड कर सकते हैं जिसके लिए विद्यार्थी स्कैनर, मोबाइल एप जैसे माइक्रोसॉफ्ट लैंस, एडोब स्कैन, वी फ्लैट आदि का प्रयोग कर सकते हैं। इस पीडीएफ फाइल का नाम उसके रोल नंबर के रूप में होगा और साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा लिखी गई उत्तर-पुस्तिका स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।