Home Kurukshetra News भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने धान की सरकारी खरीद शीघ्र शुरू करने की मांग

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने धान की सरकारी खरीद शीघ्र शुरू करने की मांग

by ND HINDUSTAN
0 comment

खरीद शुरू नहीं होने की वजह से एमएसपी से कम रेट पर धान बेचने को मजबूर हैं किसान- हुड्डा

वैकल्पिक फसल उगाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि और खराबे का मुआवजा दे सरकार- हुड्डा 

न्यूज डेक्स हरियाणा 

चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने धान की खरीद शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई है। हुड्डा का कहना है कि प्रदेश की मंडियों में 15 सितंबर से बड़ी मात्रा में धान की आवक शुरू हो चुकी है। लेकिन, सरकारी खरीद शुरू नहीं होने की वजह से किसान अपनी फसल प्राइवेट एजेंसियों को एमएसपी से कम रेट पर बेचने को मजबूर हैं। बार-बार बारिश की वजह से मंडी में रखी फसल के भीगने का खतरा भी बना रहता है। मंडी में व्यवस्था करने की बजाय किसानों को परेशान करने के लिए मार्किट कमेटी की तरफ से आढ़तियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। अगर कोई किसान मंडी में फसल लेकर आता है तो आढ़तियों से मंडी फीस वसूली जाएगी। कभी गठबंधन सरकार 25 सितंबर से खरीद शुरू करने की बात कहती है, कभी कहती 1 अक्टूबर से खरीद होगी। खरीद शुरू होने में जितनी देरी हो रही उतनी ही किसान को परेशानी हो रही है।

हुड्डा ने धान में मानक नमी की मात्रा को 17 से घटाकर 16 करने के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को नमी की मात्रा घटाने की बजाए बढ़ानी चाहिए। सरकार द्वारा देरी से खरीद और नमी के नाम पर किसानों से दोहरी लूट की जा रही है। किसानों की शिकायत है कि सामान्य तौर पर परंपरागत बीज से धान तैयार होने में 120 से 125 दिन का समय लगता था। लेकिन, पिछले कुछ सालों से बड़ी तादाद में किसान हाइब्रिड बीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं इसलिए उनकी फसल 85 से 90 दिन में ही तैयार हो जाती है। किसानों ने फसल तैयार होते ही उसे मंडी में लाना शुरू भी कर दिया है क्योंकि अधिकाँश किसानों के पास भंडारण की व्यवस्था नहीं होती। इस बीच सरकारी देरी व मंडी में अव्यवस्था के चलते किसानों को एमएसपी से 200-250 रुपये कम रेट पर धान बेचनी पड़ रही है। 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जिन किसानों ने एमएसपी से कम दाम पर अपनी फसल बेची है, सरकार को उनकी भरपाई करनी चाहिए। साथ ही, जिन किसानों ने इस बार धान की बजाए वैकल्पिक फसल उगाई है, उन्हें सरकार को अपने वादे के मुताबिक 7-7 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि का भुगतान तुरंत करना चाहिए। पहले भी अधिकतर किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाली ये राशि नहीं मिली है। उन्होंने कहा इसके अलावा पिछले दिनों जलभराव के चलते प्रदेश के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर फसलें खराब हुई हैं। सरकार की तरफ से अब तक उनकी भी गिरदावरी नहीं करवाई गई। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द तमाम खराबे की गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए।

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?