Home Kurukshetra News दिल्ली की तर्ज पर थानेसर को स्मार्ट एड्रेसिंग का रोल मॉडल बनाने का प्रयास

दिल्ली की तर्ज पर थानेसर को स्मार्ट एड्रेसिंग का रोल मॉडल बनाने का प्रयास

by ND HINDUSTAN
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थानेसर के हर घर पर यूनिक क्यूआर कोड लगाने की योजना पर नप ने शुरु किया काम:गोगिया

डीएमसी ने स्मार्ट सिटी मिशन नई दिल्ली के संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक को लिखा पत्र

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया ने कहा कि थानेसर नगर परिषद की तरफ से हर घर से टिप्पर द्वारा कचरा एकत्रित करने के कार्य को सुनिश्चित करने और चैक रखने के लिए हर घर पर यूनिक क्यूआर कोड लगाने की योजना पर कार्रवाई शुरु की है। इस क्यूआर कोड के लगने के बाद टिप्पर जैसे ही घर के आगे पहुंचेगा तो टिप्पर और क्यूआर कोड की आपस में स्कैनिंग होगी, अगर टिप्पर घर के पास नहीं रुका तो क्यूआर कोड के माध्यम से टिप्पर ना रुकने की रिपोर्ट अपने आप नगर परिषद के पास पहुंचेगी।

डीएमसी भारत भूषण गोगिया ने आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय भारत सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक आईएएस कुणाल कुमार को पत्र लिखा है कि कुरुक्षेत्र शहर एक धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्व प्रसिद्घ नगरी है। इसी पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के उपदेश दिए और इसी धरा से सरस्वती नदी का प्रवाह रहा और इसी नदी के किनारे वेदों व पुराणों की रचना हुई तथा पूरे विश्व को शिक्षा और संस्कारों का ज्ञान दिया गया। इतना ही कुरुक्षेत्र 48 कोस की परिधि में 134 से ज्यादा तीर्थ स्थल है और थानेसर शहर में ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, शेख चेहली मकबरा सहित अनेकों दर्शनीय स्थल है। इसलिए थानेसर शहर एक बहुत महत्वपूर्ण स्थल है, इसलिए स्थल के पग-पग पर इतिहास छुपा है। इसलिए कुरुक्षेत्र शहर में सफाई की दृष्टि से विशेष ध्यान देने की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरह कुरुक्षेत्र में भी स्मार्ट एड्रेसिंग का एक रोल मॉडल बनाने का प्रयास किया जा रहा है और स्मार्ट सिटी व अन्य शहर भी स्मार्ट एड्रेसिंग के लिए इस सिस्टम को अपनाने की जरुरत है। थानेसर शहर को दिल्ली की तर्ज पर हर घर पर यूनिक क्यूआर कोड लगाने के लिए आगामी कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन किया जाए ताकि थानेसर को साफ सुथरा बनाकर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करके पर्यटन के क्षेत्र में विश्व के मानचित्र पर लाया जाए। उन्होंने कहा कि यूनिक क्यूआर कोड में भवन का पूरा ब्यौरा डिजिटल फोरम में दर्ज होगा, इस कोड को स्कैन कर न सिर्फ उस भवन का पानी, बिजली या गैस का बकाया बिल और बकाया प्रोपर्टी टैक्स पता लग सकता है बल्कि इन सभी पेटेंट का पुराना रिकार्ड भी देखा जा सकता है। बिजली, पानी, गैस व अन्य सुविधाओं से सम्बन्धित शिकायते भी इसी तंत्र से की जा सकती है। डोर टू डोर कचरा संग्रहण में भी यह क्यूआर कोड क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।

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