Home haryana महोत्सव के रंग में रंगकर मदमस्त होकर नाचे कलाकारउत्तराखंड, पंजाब, कश्मीर, राजस्थान के कलाकारों ने बांधा समय

महोत्सव के रंग में रंगकर मदमस्त होकर नाचे कलाकारउत्तराखंड, पंजाब, कश्मीर, राजस्थान के कलाकारों ने बांधा समय

by ND HINDUSTAN
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पर्यटकों ने तालियां बजाकर किया कलाकारों का अभिवादन स्वीकार

रविवार के दिन ब्रहमसरोवर के तट पर उमड़ी पर्यटकों की भीड़

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। अंतर्राष्ट्रीयता गीता महोत्सव में देश भर से आए कलाकारों ने मदमस्त होकर अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्य को प्रस्तुत किया। उत्तराखंड, कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल के कलाकारों ने कुरुक्षेत्र उत्सव गीता महोत्सव में समा बांधा और पर्यटकों ने तालियां बजाकर न केवल कलाकारों का अभिवादन स्वीकार किया, बल्कि उनकी प्रस्तुति की जमकर सराहना की और लोक नृत्यों पर जमकर डांस किया। अहम पहलू यह है कि रविवार को छुट्टी होने के कारण ब्रहमसरोवर के तट पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पर्यटकों ने महोत्सव में जमकर खरीदारी की और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

महोत्सव के 11वें दिन सुबह व सायं के सत्र में उत्तराखंड, पंजाब, कश्मीर, राजस्थान के साथ-साथ विभिन्न प्रदेशों के के कलाकारों ने अलग-अलग व एक साथ अपनी प्रस्तुति देकर पर्यटकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। भारत के इन सांस्कृतिक झरोखों को देखकर पर्यटक भाव-विभोर हो गए। इस उत्सव के इस मंच पर भारत की लोक संस्कृति को देखा जा सकता है। इन लोक नृत्यों में हिमाचल प्रदेश के लोक नृत्य ने पर्यटकों के सामने अपनी प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही बटोरी है।

इस उत्सव में पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल, कश्मीर और राजस्थान के लोक कलाकारों ने जमकर पर्यटकों का मनोरंजन किया और सभी को अपने मोहपाश में बांध दिया। महोत्सव के सरस और क्राफ्ट मेले को देखने के लिए लगातार पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। ज्यों-ज्यों कुरुक्षेत्र महोत्सव आगे बढ़ रहा है, त्यों-त्यों इसकी रौनक भी बढ़ रही है। इस महोत्सव में आने वाले पर्यटक जहां शिल्पकला को पसंद कर रहे है, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद ले रहे है। इन लोक कलाकारों के लोक नृत्य ने भी दर्शकों को टकटकी लगाने पर मजबूर कर दिया। किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में जान फूंकने का काम पंजाब का भांगड़ा करता है। इस लोक नृत्य की प्रस्तुति देने के लिए पंजाब से विशेष ग्रुप को आमंत्रित किया गया।

पंजाब के बाद जम्मू कश्मीर के लोक कलाकारों ने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इन कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इस प्रकार ब्रहमसरोवर का महिला घाट भारत की संस्कृति का केंद्र बनता नजर आया। इस मंच पर सभी प्रदेशों की संस्कृति की झलक देखी गई।बाक्सबहरुपिए कर रहे है पर्यटकों का मनोरंजनअंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में बहरूपिये पर्यटकों व स्थानीय लोगों का बहुत मनोरजंन कर रहे है। राजस्थान से आए बहरूपिये व कलाकारों के साथ पर्यटक जमकर सैल्फी खिचवा रहे है। इस महोत्सव में यह बहरुपिए पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे है।

यह कलाकार आगामी 19 दिसंबर तक इस महोत्सव में अलग-अलग वेशभूषा बदलकर पर्यटकों व स्थानीय लोगों का भरपूर मनोरजंन करेंगे।बाक्सहजारों सूचनाओं के आदान-प्रदान से मिल रही है पर्यटकों को जानकारीजिला सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा स्टाल नम्बर एक पर बनाए गए सूचना केंद्र पर 2 दिसंबर से लेकर 1 दिसम्बर तक हजार से भी ज्यादा सूचनाएं देकर बिछड़ों को मिलाने, खोए हुए बच्चों को अभिभावकों से मिलाने, स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ-साथ खोए हुए सामान व अन्य मामलों का निपटारा करने का काम किया गया। इस सूचना केंद्र की कमान खंड प्रचार कार्यकर्ता बरखा राम, कृष्ण लाल, राजकुमार शर्मा सहित अन्य स्टाफ ने संभाली हुई है।

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