गांव भाली व बनियानी के विकास के लिए करीब 4 करोड़ की घोषणा
लगभग तीन करोड़ की लागत से बने नए स्कूल भवन का किया उद्ïघाटन
विद्यालय काल की यादों को मुख्यमंत्री ने किया ताजा
मुख्यमंत्री ने स्कूल के उस कमरे को देखा, जहां वे पढ़ते थे
स्कूल के सहपाठियों से भी की मुलाकात
गांव के प्राचीन तालाब का किया जाएगा जीर्णोद्घार
न्यूज डेक्स संवाददाता
रोहतक। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भाली आनंदपुर गांव में 2 करोड़ 75 लाख रुपये की धनराशि से नवनिर्मित राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय के बहुमंजिला भवन का शुभारंभ करने के उपरांत विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ 78 लाख रुपये की धन राशि उपलब्ध करवाने की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाली व बनियानी गांव में एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों की भी घोषणा की। उन्होंने भाली आनंदपुर गांव के साथ अपने पुराने नाते का जिक्र करते हुए कहा कि वे इस गांव को अपना गांव मानते है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भाली आनंदपुर गांव में राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय के भवन के उद्ïघाटन के उपरांत ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने इस विद्यालय के पुराने भवन का अवलोकन किया जहां पर उन्होंने छठी से आगे की शिक्षा ग्रहण की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस विद्यालय में 1965 में छठी कक्षा में प्रवेश लिया था। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी काल के दौरान वे इस विद्यालय के मैदान में खेलते थे तथा विद्यालय प्रांगण में शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने कहा कि गांव में पशुओं के लिए डिस्पेंसरी स्थापित की जायेगी। मनोहर लाल ने इस विद्यालय परिसर में विभिन्न कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। इन विकास कार्यों में 27 लाख रुपये की राशि से स्कूल की चार दीवारी तथा 33 लाख रुपये की राशि से स्कूल के मैदान की इन्टरलॉकिंग की जाएगी।
मनोहर लाल ने भाली से गद्दी खेड़ी के लिए सडक़ निर्माण की मांग के संदर्भ में यदि ग्रामीण इस सडक़ के लिए कलैक्टर दर पर जमीन उपलब्ध करवा देंगे तो सरकार द्वारा इस सडक़ का निर्माण करवाया जायेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव के पार्क में ओपन जिम के लिए 2 लाख रुपये, भाली से गढ़ टेकना सडक़ की मरम्मत के लिए 95 लाख रुपये तथा भाली एवं बनियानी गांव में एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाने की भी घोषणा की। उन्होंने गांव में स्थित केशव भवन के लिए अपने स्वैच्छिक कोष से 21 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। इस भवन में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती है, जिनमें कम्प्यूटर कक्षाएं आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा भाली आनंदपुर के पड़ोसी गांव में भी सामूहिक विकास कार्य करवाए जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 1965 में लगभग 11 वर्ष की आयु में इस विद्यालय में छठी कक्षा में प्रवेश लिया था। उन्होंने विद्यालय परिसर में 57 वर्ष पूर्व के अनुभव सांझा किए। उन्होंने कहा कि वे बनियानी गांव से 41 एकड़ पैदल चलकर शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते थे। इस विद्यालय में आसपास के कई गांव के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते थे। उन्होंने पुरानी कुई के ठंडे पानी तथा अमरूद व बेरी की भी यादे ताजा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा तालाब प्राधिकरण के माध्यम से गांव के प्राचीन तालाब का जिर्णोद्घार करवाया जायेगा तथा गांव में विकास कार्यों में कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पूर्व विद्यालय भवन में अपने पुराने सहपाठियों रामफल कादयान, ओमप्रकाश, वजीर इत्यादि से मुलाकात की तथा विभिन्न विषयों पर बातचीत की। उन्होंने गत 57 वर्षों में हुए बदलाव सहित अनेक पहलुओं पर सहपाठियों से विचार-विमर्श किया।
पढ़ाई में अव्वल रहते थे मुख्यमंत्री :- सांसद डॉ. अरविंद शर्मास्थानीय लोकसभा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसी विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की है। श्री मनोहर लाल पढ़ाई में अव्वल थे। इस कारण उन्हें विद्यालय में हेडमास्टर के नाम से भी जाना जाता था। मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं बनाई है तथा इन योजनाओं का पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पुराने साथियों से मेलमिलाप को बढ़ावा दिया है तथा वे आज अपने सहपाठियों से भी मिले है। मुख्यमंत्री की सोच के कारण ही महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर पूर्व छात्र मिलन समारोह का आयोजन शुरू हुआ है। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि कोविड काल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में गरीब पात्र परिवारों को मुफ्त अनाज उपलब्ध करवाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज प्रदेश में कोई भी लाभपात्र आधार कार्ड के आधार पर प्रदेश के किसी भी राशन डिपो से अपना राशन ले सकते है। उन्होंने कहा कि गत अढ़ाई वर्षों के दौरान कोविड संक्रमण की वजह से विकास कार्यों की गति में तेजी नहीं आ सकी। अब कोविड-19 पर नियंत्रण के बाद विकास कार्यों की गति बढ़ाई जाएगी तथा सभी क्षेत्रों में विकास कार्य करवाए जायेंगे।