आईएचएम कुरुक्षेत्र का कनाडा और स्विट्जरलैंड के नामी कॉलेजों के साथ होगा एमओयू
कौशल विकास कार्यक्रम के तहत हुनर से रोजगार के कोर्स भी चल रहे है संस्थान में
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। आईएचएम कुरुक्षेत्र के प्रिंसिपल अतुल शुक्ला ने कहा कि पर्यटन विभाग हरियाणा सरकार के अंतर्गत वर्ष 2008 से कार्यरत आईएचएम कुरुक्षेत्र के विद्यार्थी अब कनाडा और स्विट्जरलैंड में होटल मैनेजमेंट के कोर्स कर सकेंगे। इसके लिए संस्थान के चेयरमैन एवं प्रधान सचिव हरियाणा सरकार एमडी सिन्हा के नेतृत्व में कनाडा और स्विट्जरलैंड के साथ एमओयू होने जा रहा है। इस एमओयू से संस्थान में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को विदेश में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। प्रिंसिपल अतुल शुक्ला शुक्रवार को ज्योतिसर स्थित आईएचएम में पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग हरियाणा सरकार के अंतर्गत वर्ष 2008 से आईएचएम ज्योतिसर चल रहा है। इस संस्थान में 3 वर्षीय बैचलर डिग्री और डेढ़ वर्षीय डिप्लोमा इन फूड प्रोडक्शन एवं एफएंडबी सर्विस के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे है विभिन्न प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत हुनर से रोजगार के कोर्स भी चलाए जा रहे है।
इस संस्थान में छात्रों के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त लैब, स्मार्ट कक्षा रुम, कुशल स्टाफ के साथ-साथ मनमोहक और भव्य कैंपस भी उपलब्ध है। यह संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ होटल मैनेजमेंट भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अधीन है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में पिछले लगभग 14 वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर चुके छात्र-छात्राएं देश-विदेश में ख्याति प्राप्त पदों पर कार्यरत है और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी अपनी सेवाएं दे रहे है। यह संस्थान पिछले कई वर्षों से शत प्रतिशत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड रखते हुए उत्तर भारत के ख्याति प्राप्त संस्थानों में से एक है। इतना ही नहीं आईएचएम कुरुक्षेत्र नेशनल काउंसिल ऑफ होटल मैनेजमेंट भारत मंत्रालय पर्यटन मंत्रालय से मान्यता प्राप्त करने वाला हरियाणा का सबसे पहला संस्थान है।
इस समय संस्थान के चेयरमैन एवं हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव एमडी सिन्हा के प्रयासों से यह संस्थान उन्नति और विकास के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ रहा है। इस संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों को देखते हुए ही कनाडा और स्विट्जरलैंड के नामी कॉलेज के साथ एमओयू किया जा रहा है। प्रिंसीपल ने कहा कि कनाडा और स्विट्जरलैंड के साथ एमओयू होने से यहां के विद्यार्थियों को विदेशों में भेजा जा सकेगा। इस प्रक्रिया में डेढ़ वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के छात्रों के लिए कनाडा जाने व वहां के संस्थानों में दाखिले का सीधा रास्ता खुल जाएगा। इस संस्थान के सभी शिक्षक और स्टाफ के सदस्य एक टीम वर्क के रुप में कार्य कर रहे है ताकि संस्थान प्रगति के पथ पर तेजी के साथ ओर आगे बढ़ सके। सभी का प्रयास है कि संस्थान में आने वाले छात्रों को करियर ओरिएंटेड कोर्स में दाखिला देकर उनका भविष्य बनाया जा सके।