Home haryana प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु प्रदेश सरकार की अनूठी पहल

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु प्रदेश सरकार की अनूठी पहल

by ND HINDUSTAN
0 comment

किसानों को देशी गाय की खरीद पर मिलेगी 25 हजार की सब्सिडी-डॉ हरिओम


न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में चल रहे प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण केन्द्र में पिछले दो महीनों में लगभग 270 बीटीएम, एटीएम व किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया गया है जिसमें हरियाणा के विभिन्न जिलों के लोग शामिल हैं। यह जानकारी नेचरल फार्मिंग के स्टेट ट्रेनिंग एडवाइजर डॉ. हरिओम ने प्रशिक्षण केन्द्र में 10वें शिविर के सम्पन्न होने पर दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गुजरात के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्रेरणा से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को देशी गाय की खरीद पर 25 हजार की आर्थिक सहायता एवं जीवामृत बनाने के लिए चार ड्रम देने की योजना आरम्भ की है जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान न केवल देशी गाय का पालन करें बल्कि गोमूत्र और गोबर से प्राकृतिक खेती करके देश को शुद्ध एवं जहरमुक्त खाद्यान्न उपलब्ध करवाएं। इस अवसर पर गुरुकुल कुरुक्षेत्र के व्यवस्थापक रामनिवास, डा. रामगोपाल शर्मा, डॉ. देशपाल, डॉ. दिनेश भी मौजूद रहे। 

डॉ. हरिओम ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा पिछले 2 महीने से चल रहे प्रशिक्षण शिविरों में किसानों सहित कृषि विभाग के बीटीएम और एटीएम को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया गया है जो हरियाणा के विभिन्न जिलों से शिविर में आए। आज सम्पन्न हुए 10वें शिविर में फरीदाबाद, चरखी दादरी, गुड़गांव तथा नूंह, मेवात से किसान और एटीएम ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि उप कृषि निदेशक डॉ. प्रदीप मील का प्रयास है कि प्रदेश में अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़कर उनकी आजीविका में वृद्धि की जाए साथ ही रासायनिक खेती से जो धरती, पर्यावरण और जल का नुकसान हो रहा है उसमें सुधार किया जाए।

गुरुकुल के व्यवस्थापक रामनिवास ने कहा कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्रेरणा से देशभर के लाखों किसान आज प्राकृतिक खेती करके खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादक किसानों की आय में तो बेतहाशा वृद्धि हुई है क्योंकि प्राकृतिक खेती से न केवल उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई बल्कि सेब की फसल पर फूल आने से फलों के पकने तक जो दवाइयों के 16 स्प्रे होते थे, उनकी जरूरत अब नहीं रही। केवल जीवामृत, घनजीवामृत और गोमूत्र के छिड़काव से उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है और बीमारियां भी नहीं लगती।

उन्होंने बताया कि ऐसा ही करिश्मा गुजरात में आचार्य देव्रवत के नेतृत्व में हो रहा है, वहां भी 2 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और देशी गाय पालने वाले प्रत्येक किसान को गुजरात सरकार 900 रूपये महीना चारा-खर्च देती है। उन्होंने कहा कि आचार्य देव्रवत की प्रेरणा से हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती हेतु देशी गाय की खरीद पर 25 हजार की आर्थिक सहायता और 4 ड्रम देने की जो योजना आरम्भ की है, वह सराहनीय है। साथ ही उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा लगाए जा रहे प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविरों के सफल संचालन पर कृषि विभाग एवं डॉ. हरिओम को बधाई दी। 

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?