पूरे सावन होता है भगवान भोलेनाथ शिवलिंग का अलग-अलग श्रृंगार
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। देश भर में संचालित श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष एवं ब्रह्मसरोवर के तट पर स्थित श्री जयराम विद्यापीठ के संचालक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी की प्रेरणा से भगवान भोलेनाथ के प्रिय सावन महीने में जहां नियमित पूजन एवं अभिषेक चल रहा है वहीं कमौदा के श्री काम्यकेश्वर महादेव मंदिर एवं विद्यापीठ में श्री रामेश्वर महादेव मंदिर में विश्व दुर्लभ स्फटिक मणि शिवलिंग को नित्य फलों एवं फूलों से सजाया जा रहा है। शिवलिंग जहां आकर्षित करते हैं वहीं शिव भक्तों के आस्था का केंद्र है। जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि सावन में श्री जयराम संस्थाओं के श्री काम्यकेश्वर महादेव मंदिर एवं श्री रामेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों में अद्भुत श्रृंगार किया जाता है।
शिव मंदिरों में सावन महीने के नियमित पूजन के साथ रुद्राभिषेक भी चल रहा है। जयराम संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य प. रणबीर भारद्वाज ने बताया कि किसी भी समय रुद्राभिषेक करना काफी शुभ फलदायी होता है। लेकिन सावन महीने में इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि शिवपुराण के रुद्रसंहिता में बताया गया है कि रुद्राभिषेक में भगवान शिव का पवित्र स्नान कराकर पूजा-अर्चना की जाए तो सनातन धर्म में इसे सबसे प्रभावशाली पूजा मानी जाती है। जिसका फल तुरंत मिलता है। इससे भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इस मौके पर श्रवण गुप्ता, के. के. कौशिक, कुलवंत सैनी, टेक सिंह लौहार माजरा, सुरेंद्र गुप्ता, ईश्वर गुप्ता, पवन गर्ग, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक एवं यशपाल राणा सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।